ऐसी तकनीक जिससे पैदा होंगी सिर्फ ‘बछिया’, जानकर आप भी शुरू कर सकते हैं पशुपालन का व्यवसाय

ऐसी तकनीक जिससे पैदा होंगी सिर्फ 'बछिया', जानकर आप भी शुरू कर सकते हैं पशुपालन का व्यवसाय! Born Only heifer via sex shortened semen technique

Edited By: , May 21, 2022 / 12:02 PM IST

सरगुजा: Animal husbandry business scope गो पालन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य की सरकार हर संभव कोशिश कर रही है। जहां एक ओर केंद्र सरकार भारी छूट के साथ पशुपालकों को लोन दे रही है तो वहीं छत्तीसगढ़ सरकार भी पशुपालक किसानों के लिए गोधन न्याय योजना शुरू की है। इस योजना का लाभ लेकर कई पशुपालक बंपर मुनाफा कमा रहे हैं। लेकिन क्या आज हम आपको विज्ञान के ऐसे चमत्कार के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानकर आप भी एक बार गो पालन के लिए सोचने लगेंगे।>>*IBC24 News Channel के WhatsApp  ग्रुप से जुड़ने के लिए Click करें*<<

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sex shortened semen दरअसल सरगुज़ा में कृत्रिम गर्भाधान के जरिए 100 में से 90 गाय बछिया जन्म दे रही है। बताया जा रहा है कि ये कमाल सेक्स शॉर्टेन सीरम तकनीक के जरिए संभव हो पाया है। श्वेत क्रांति लाने के कई प्रयास लेकिन सरगुजा में अब इससे अलग हटकर एक नया फॉर्मूला ले गया है, जिसका अच्छा रुझान भी अब मिलने लगा है। पशुधन विकास विभाग ने सरगुजा जिले में यह नया प्रयोग शुरू किया है, जिसके तहत अमेरिकन कंपनी का सीमेन से गायों का गर्भाधान कराया जा रहा है।

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पैदा होगी सिर्फ बछिया

पशुधन विकास विभाग सरगुजा जिले में नया प्रयोग कर रहा है। कृत्रिम गर्भधारण के लिए सेक्स शॉर्टेड सीमेन का उपयोग किया जा रहा है। यह सीमेन अमेरिकन कंपनी का है। भारत में उत्तराखंड से इसे सरगुजा लाया गया है। पशुविभाग का दावा है कि इस सीमेन के जरिए 92 प्रतिशत तक बछिया का जन्म कराया जा सकता है। पशुधन विकास विभाग सरगुजा ने उत्तराखंड से 600 सीमेन मंगाए हैं। सरगुजा जिले में 350 पशुओं में इस सीमेन से कृत्रिम गर्भधारण कराया गया है।

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पैदा होती है 100 में से 92 बछिया

कंपनी के दावे के मुताबिक सरगुजा में रिजल्ट भी बेहतर आ रहे हैं। 100 में 92 पशुओं ने बछिया जन्म दिया है। पहले पशु पालकों को बछड़ा पैदा होने की वजह से नुकसान होता था। अब इस बात की लगभग गारंटी है कि बछिया ही होगी। अब खेती में नागर में बैल चलाने का रिवाज खत्म हो गया है। लोग ट्रैक्टर और अन्य माध्यमों से खेतों की जुताई करते हैं। ऐसे में बछड़ा किसानों या पशुपालकों के किसी काम का नहीं होता। जबकि बछिया जब गाय बनती है तो वह ना सिर्फ दूध देती है बल्कि इसकी कीमत बाजार में 60 से 70 हजार होती है।

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