किसानों की सुरक्षा के लिए नये बीज और कीटनाशक कानून लाएगी केंद्र सरकार : चौहान

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किसानों की सुरक्षा के लिए नये बीज और कीटनाशक कानून लाएगी केंद्र सरकार : चौहान

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  • Publish Date - January 31, 2026 / 08:35 PM IST,
    Updated On - January 31, 2026 / 08:35 PM IST

रायपुर, 31 जनवरी (भाषा) केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने और नकली कृषि उत्पादों की आपूर्ति पर रोक लगाने के लिए जल्द ही बीज और कीटनाशकों से संबंधित नये कानून लाएगी।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कुम्हारी में एक किसान मेले को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि नकली खाद, नकली कीटनाशक और नकली बीजों के जरिये किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, तथा किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “नकली खाद और नकली बीज किसानों के लिए एक बड़ी समस्या है। हम संसद के मौजूदा सत्र में बीज अधिनियम लाने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों को घटिया बीज की आपूर्ति करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और अगर जानबूझकर ऐसा किया गया तो सजा का भी प्रावधान होगा।”

उन्होंने कहा कि घटिया कीटनाशकों की आपूर्ति करने वाली कंपनियों अथवा व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक कीटनाशक अधिनियम भी तैयार किया जा रहा है।

चौहान ने कहा, “कई बार किसान खराब गुणवत्ता के कीटनाशकों में अपना पैसा लगाते हैं जो काम नहीं करते। ऐसी प्रथाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार संसद के मौजूदा सत्र में दोनों अधिनियम लाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों को खाद के साथ कीटनाशक या अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर करना अवैध माना जाएगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कृषि में अनुसंधान और नवाचार के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

कृषि मंत्री ने कहा कि 16 और 17 फरवरी को नयी दिल्ली में एक राष्ट्रीय ‘कृषि चिंतन शिविर’ (कृषि सम्मेलन) आयोजित किया जाएगा, जहां किसानों के सुझावों पर विचार किया जाएगा तथा कृषि नीतियों और योजनाओं में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।

उन्होंने कहा, “यह किसानों की सरकार है। किसानों का कल्याण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

कृषि क्षेत्र में भारत के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए चौहान ने कहा कि देश की कृषि विकास दर 4.45 प्रतिशत है, और भारत चीन को पीछे छोड़कर दुनिया में चावल का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है।

उन्होंने आधुनिक तकनीकों और फलों, फूलों, सब्जियों और औषधीय पौधों में फसल विविधीकरण के माध्यम से खेती को अधिक लाभदायक बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

इससे पहले, दिन में चौहान ने अपने प्रवास की शुरुआत में दुर्ग जिले के गिरहोला और खपरी गांव का दौरा किया, जहां उन्होंने खेतों की मेड़ पर उतरकर किसानों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने नर्सरी, खेतों और कृषि फार्मों का निरीक्षण करते हुए फसल चक्र, बागवानी, सिंचाई व्यवस्था, बीज उत्पादन और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी ली।

अधिकारियों ने बताया कि गिरहोला गांव में केंद्रीय मंत्री ने आम के पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि किसानों के लिए दीर्घकालीन आय का सशक्त स्रोत भी बन सकता है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे कृषि के साथ-साथ बागवानी और वृक्ष आधारित खेती को भी अपनाएं।

अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद चौहान खपरी स्थित अनिल कृषि फार्म पहुंचे, जहां उन्होंने खेतों का निरीक्षण कर किसानों से संवाद किया। किसान चौपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रगतिशील किसानों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपना रहे हैं, जो पूरे देश के लिए प्रेरणादायी है।

उन्होंने बताया कि किसानों से संवाद करते हुए चौहान ने कहा कि धान की पारंपरिक खेती के साथ बागवानी, सब्जी उत्पादन और विविधीकृत कृषि अपनाने से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

केंद्रीय मंत्री ने किसानों को केंद्र सरकार की प्रमुख कृषि योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से छोटे एवं सीमांत किसानों को प्रत्यक्ष लाभांतरण दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के माध्यम से कृषि नवाचार और उत्पादन वृद्धि को प्रोत्साहित किया जा रहा है। डिजिटल कृषि मिशन और ड्रोन तकनीक के जरिए फसल निगरानी, कीटनाशक छिड़काव और लागत में कमी सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने प्राकृतिक खेती, सूक्ष्म सिंचाई और जल संरक्षण आधारित कृषि को भविष्य की खेती बताते हुए किसानों से अधिक से अधिक इन योजनाओं से जुड़ने का आह्वान किया।

अपने संबोधन में चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में कृषि को लाभकारी बनाया जाए और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीक, मजबूत नीति, प्रभावी कानून और किसानों की मेहनत से कृषि क्षेत्र में नई क्रांति आएगी।

अधिकारियों ने बताया कि इस अवसर पर राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण तथा आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम और किसान बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

राज्य के अपने एक दिवसीय दौरे की शुरुआत से पहले रायपुर में चौहान ने विकसित भारत- गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी जी-राम-जी) अधिनियम का विरोध करने पर कांग्रेस की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि वीबी जी-राम-जी गरीबों, मजदूरों और किसानों के लिए एक वरदान है क्योंकि गारंटीशुदा रोजगार के दिन 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिए गए हैं, लेकिन कांग्रेस इस कदम का विरोध कर रही है।

चौहान ने आरोप लगाया कि राज्य में पिछली भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान मनरेगा योजना के तहत की गई अनियमितताएं अब नहीं होंगी, और गांव के विकास के लिए हर रुपया पारदर्शिता से खर्च किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार की हर अच्छी पहल का विरोध करती है और आपस में लड़ने में व्यस्त है।

चौहान ने दावा किया कि पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आपस में लड़ रहे थे, और अब पार्टी अध्यक्ष तथा पूर्व मुख्यमंत्री आपस में लड़ रहे हैं, जबकि पार्टी कार्यकर्ता परेशान हो रहे हैं।

भाषा

संजीव

रवि कांत