किसानों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए संसद में जल्द लाए जाएंगे नये कृषि कानून : शिवराज

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किसानों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए संसद में जल्द लाए जाएंगे नये कृषि कानून : शिवराज

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  • Publish Date - January 31, 2026 / 07:02 PM IST,
    Updated On - January 31, 2026 / 07:02 PM IST

रायपुर, 31 जनवरी (भाषा) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों को कानूनी सुरक्षा का मजबूत कवच प्रदान करने के लिए संसद में जल्द ही नये कृषि कानून लाए जाएंगे। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि चौहान ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के एक दिवसीय प्रवास पर दुर्ग जिले का दौरा किया तथा किसानों से सीधा संवाद किया।

चौहान ने अपने प्रवास के दौरान किसान मेले को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा कि किसान की मेहनत, उसकी फसल और उसके भविष्य से खिलवाड़ अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नकली बीज, नकली खाद और नकली कीटनाशकों के जरिये किसानों को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ केंद्र सरकार निर्णायक, कठोर और दंडात्मक कार्रवाई के रास्ते पर आगे बढ़ चुकी है।

उन्होंने कहा कि किसानों को कानूनी सुरक्षा का मजबूत कवच प्रदान करने के लिए संसद में शीघ्र ही नये कृषि कानून लाए जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसान और उनका सर्वांगीण विकास है।

उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व नकली उर्वरकों के जरिये किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, जो केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि किसान के साथ सीधा विश्वासघात है। ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि अपने प्रवास की शुरुआत में चौहान ने दुर्ग जिले के गिरहोला और खपरी गांव का दौरा किया, जहां उन्होंने खेतों की मेड़ पर उतरकर किसानों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने नर्सरी, खेतों और कृषि फार्मों का निरीक्षण करते हुए फसल चक्र, बागवानी, सिंचाई व्यवस्था, बीज उत्पादन और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी ली।

उन्होंने बताया कि गिरहोला गांव में केंद्रीय मंत्री ने आम के पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया।

चौहान ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि किसानों के लिए दीर्घकालीन आय का सशक्त स्रोत भी बन सकता है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे कृषि के साथ-साथ बागवानी और वृक्ष आधारित खेती को भी अपनाएं।

अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद चौहान खपरी स्थित अनिल कृषि फार्म पहुंचे, जहां उन्होंने खेतों का निरीक्षण कर किसानों से संवाद किया। किसान चौपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रगतिशील किसानों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपना रहे हैं, जो पूरे देश के लिए प्रेरणादायी है।

उन्होंने बताया कि किसानों से संवाद करते हुए चौहान ने कहा कि धान की पारंपरिक खेती के साथ बागवानी, सब्जी उत्पादन और विविधीकृत कृषि अपनाने से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

केंद्रीय मंत्री ने किसानों को केंद्र सरकार की प्रमुख कृषि योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से छोटे एवं सीमांत किसानों को प्रत्यक्ष लाभांतरण दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के माध्यम से कृषि नवाचार और उत्पादन वृद्धि को प्रोत्साहित किया जा रहा है। डिजिटल कृषि मिशन और ड्रोन तकनीक के जरिए फसल निगरानी, कीटनाशक छिड़काव और लागत में कमी सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने प्राकृतिक खेती, सूक्ष्म सिंचाई और जल संरक्षण आधारित कृषि को भविष्य की खेती बताते हुए किसानों से अधिक से अधिक इन योजनाओं से जुड़ने का आह्वान किया।

अधिकारियों ने बताया कि इस अवसर पर राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण तथा आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम और किसान बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

भाषा

संजीव

पवनेश रवि कांत