Sagar Congress Controversy: “सर तन से जुदा” के नारे लगाने वालों को कांग्रेस का ‘इनाम’; FIR और अनुशासन के नोटिस के बाद भी बना दिया ‘जिला महामंत्री’

Ads

सागर जिले में कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की घोषणा के साथ बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मजहबी जुलूस के दौरान कथित तौर पर “सर तन से जुदा” जैसे भड़काऊ नारे लगाने के आरोपी दो नेताओं को जिला महामंत्री बनाए जाने से सियासत गरमा गई है।

  •  
  • Publish Date - January 31, 2026 / 08:48 PM IST,
    Updated On - January 31, 2026 / 08:56 PM IST

Sagar Congress Controversy / Image Source : IBC24 /FILE

HIGHLIGHTS
  • PCC चीफ ने सागर जिला कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की घोषणा की।
  • विवादित नारे लगाने के आरोपी फिरदौस कुरेशी और शाहबाज कुरैशी को जिला महामंत्री बनाया गया।
  • दोनों नेताओं पर पहले FIR और कांग्रेस की ओर से अनुशासनहीनता का नोटिस जारी हो चुका है।

सागर : मध्य प्रदेश के सागर जिले में PPC चीफ ने कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। इस घोषणा के साथ ही एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जिला कांग्रेस कमेटी में दो ऐसे नेताओं को ‘जिला महामंत्री’ की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिन पर मजहबी जुलूस के दौरान कथित तौर पर “सर तन से जुदा” जैसे विवादित और भड़काऊ नारे लगाने का आरोप है।

Sagar Sar tan se juda सर तन से जुदा” के लगाए थे नारे

पीसीसी (PCC) चीफ द्वारा जारी की गई नई सूची में फिरदौस कुरेशी और शाहबाज कुरैशी को जिला कांग्रेस की कार्यकारिणी में शामिल कर जिला महामंत्री बनाया गया है। गौरतलब है कि पिछले साल ईदमिलादुन्नबी के अवसर पर निकले मजहबी जुलूस में दोनों नेताओं ने “सर तन से जुदा” जैसे विवादित नारे लगाए थे। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने फिरदौस और शाहबाज के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की थी।

Madhya Pradesh Politics अनुशासनहीनता का नोटिस भी हुआ था जारी

जब यह विवाद सामने आया था, तब कांग्रेस पार्टी ने ही इन दोनों नेताओं के हरकत को गलत मानते हुए उन्हें अनुशासनहीनता का नोटिस जारी किया था। लेकिन अब, कुछ ही महीनों बाद पार्टी ने उन्हें संगठन में जिला महामंत्री का पद दे दिया। इस पूरे मामले के बाद अब सियासत गरमा चुकी है।

इन्हें भी पढ़े:-

सागर कांग्रेस कार्यकारिणी को लेकर विवाद क्यों हुआ?

मजहबी जुलूस में “सर तन से जुदा” जैसे भड़काऊ नारे लगाने के आरोपी नेताओं को जिला महामंत्री बनाए जाने से विवाद खड़ा हुआ।

क्या इन नेताओं के खिलाफ पहले कोई कार्रवाई हुई थी?

हां, कोतवाली पुलिस ने दोनों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की थी और कांग्रेस पार्टी ने भी अनुशासनहीनता का नोटिस जारी किया था।

इस फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया क्या है?

नियुक्ति के बाद सियासत गरमा गई है और कांग्रेस की कार्यप्रणाली व अनुशासन पर सवाल उठाए जा रहे हैं।