शह मात The Big Debate: सवालों में इथेनॉल..इतना क्यों सियासी बवाल? सियासी बयानों से बढ़ता जा रहा घमासान, E-20 पर क्या है विपक्ष की मुख्य आपत्ति?

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CG Politics On Ethanol: देश में इस वक्त E-20 पेट्रोल यानि एथेनॉल युक्त पेट्रोल को लेकर सियासी बयानों का घमासान बढ़ता जा रहा है।

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  • Publish Date - July 7, 2026 / 11:51 PM IST,
    Updated On - July 7, 2026 / 11:58 PM IST

CG Politics On Ethanol/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • देश में E-20 पेट्रोल यानि एथेनॉल युक्त पेट्रोल को लेकर सियासी बयानों का घमासान बढ़ता जा रहा है।
  • BJP का आरोप है कि- कांग्रेस नीत UPA सरकार ने ही केंद्र में रहते, एथेनॉल को प्रमोट किया।
  • बीजेपी का आरोप है कि, कांग्रेस इस पर दोगला रवैया अपना रही है।

CG Politics On Ethanol: रायपुर: देश में इस वक्त E-20 पेट्रोल यानि एथेनॉल युक्त पेट्रोल को लेकर सियासी बयानों का घमासान बढ़ता जा रहा है। BJP का आरोप है कि- कांग्रेस नीत UPA सरकार ने ही केंद्र में रहते, एथेनॉल को प्रमोट किया।

2007 – पेट्रोल में एथेनॉल मिक्स करने पहला फैसला
2008- पूरे देश में लागू करने डेडलाइन तय
2009- नेशनल पॉलिसी ऑन बायोफ्यूल की शुरुआत
2013- UPA सरकार की पॉलिसी, सरकारी गैजेट में नोटिफाई हुई
2017- पॉलिसी का मकसद 2017 तक पेट्रोल में 20% ब्लेंड करना था

बीजेपी का आरोप है कि, कांग्रेस इस पर दोगला रवैया अपना रही है। खुद मुख्यमंत्री रहते भूपेश बघेल ने 2020, 2021, 2022 में कई बार एथेनॉल प्लांट को लेकर केंद्र से मांग की, (CG Politics On Ethanol) इस बावत कई कंपनीज से MOU करने का दावा किया था और अब कांग्रेसी इसे लेकर भ्रम फैला रहे हैं।

इधर,कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियंक खरगे और पवन खेड़ा जैसे नेताओं ने E-20 को लेकर, केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।कांग्रेसी नेताओं का दावा है कि, हम एथेनॉल का विरोध नहीं कर रहे है बल्कि कांग्रेस का विरोध पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने को लेकर है।

CG Politics On Ethanol: दरअसल, बीते महीनों में पेट्रोल-डीजल को लेकर बने वैश्विक हालात के बीच केंद्र की बीजेपी सरकार तेजी से E-20 यानि 20 प्रतिशत एथेनॉल युक्त पेट्रोल के ऑप्शन पर आगे बढ़ रही है। जिसे लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के आरोप हैं, मसलन – E-20 से गाड़ी का एवरेज कम हो रहा है, गाड़ी की लाइफ खत्म हो रही है। वर्तमान गाड़ियों का इंजन एथेनॉल वाले पेट्रोल के लिए नहीं है। लगातार प्रयोग किया तो गाड़ी कंडम हो जाएगी वगैरह-वगैरह…सवाल ये कि कांग्रेस इसे लेकर भ्रम फैलाकर, माहौल बना रही है या फिर E-20 को लेकर विपक्ष के आरोपों में कोई दम है जिससे बचने ये आरोप लगाए जा रहे हैं?

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