CG Tehsildar Strike Ended: आरोपियों ने किया सरेंडर तो तहसीलदारों ने खत्म की हड़ताल, लेकिन सरकार के सामने रख दी ये मांग

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CG Tehsildar Strike Ended: छत्तीसगढ़ में खत्म हुआ तहसीलदारों का प्रदर्शन, लेकिन सरकार के सामने रख दी ये मांग।

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  • Publish Date - June 3, 2026 / 07:47 PM IST,
    Updated On - June 3, 2026 / 08:02 PM IST

CG Tehsildar Strike Ended: सरगुजा के सीतापुर भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो (BJP MLA Ramkumar Toppo) और उनके समर्थकों द्वारा नायब तहसीलदार से मारपीट मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है, विधायक के दो समर्थक पंकज गुप्ता और नाजिम रजा के सरेंडर कर करने के बाद तहसीलदार संघ ने हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया है। सभी तहसीलदार 4 जून से अपने काम पर लौटेंगे। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने कहा कि, प्रशासन के सहयोगात्मक रुख के बाद हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया गया है। कर्मचारियों ने 15 दिनों के भीतर बाकी आरोपियों पर करवाई की मांग की है। प्रशासन से मिले आश्वासन के साथ आंदोलन स्थगित स्थगित कर दिया गया है।

 

आपको बता दें कि इस मामले में विधायक (CG Tehsildar Strike Ended) और समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदेशभर के राजस्व अधिकारी-कर्मचारी तीन दिनों से हड़ताल पर थे। मामले में कोतवाली पुलिस ने विधायक रामकुमार टोप्पो, यूसुफ, नाजिम राजा और पंकज गुप्ता समेत 10 लोगों के खिलाफ BNS की धारा 221, 221(1), 132 और 191(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

विधायक समेत 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

गौरतलब है कि, 27 मई को विधायक रामकुमार टोप्पो (CG Tehsildar Strike Ended) और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच विवाद हुआ था। शिकायत के मुताबिक, राजापुर उप-तहसील के नायब तहसीलदार तुषार मानिक के अनुसार सीतापुर के विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की। पिटाई से नायब तहसीलदार के चेहरे पर चोट आई है। इस घटना के बाद दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर लगी गई है। कोतवाली पुलिस ने विधायक रामकुमार टोप्पो, यूसुफ, नाजिम राजा और पंकज गुप्ता समेत 10 लोगों के खिलाफ BNS की धारा 221, 221(1), 132 और 191(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि यह विवाद MLA (CG Tehsildar Strike Ended) की चचेरी बहन जेल से पैरोल पर रिहा होने के लिए जरूरी सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट (शोध क्षमता प्रमाण पत्र) लेने के लिए उप-तहसील कार्यालय पहुंची थीं। इस दौरान नायब तहसीलदार ने उन्हें बताया कि रीडर अनुपस्थित हैं, और इस वजह से उनकी फाइल पर अभी तक हस्ताक्षर नहीं हो पाए हैं। जिसके बाद विधायक की बहन ने नायब तहसीलदार पर बदसलूकी का आरोप लगाया। जिसके बाद विधायक ने अपने समर्थकों को राजपुर उप-तहसील कार्यालय के पास बुलाया, जहां उनके साथ मारपीट की।