छत्तीसगढ़ विस ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर प्रधानमंत्री और केंद्र के प्रति आभार जताया

छत्तीसगढ़ विस ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर प्रधानमंत्री और केंद्र के प्रति आभार जताया

छत्तीसगढ़ विस ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर प्रधानमंत्री और केंद्र के प्रति आभार जताया
Modified Date: February 23, 2024 / 05:03 pm IST
Published Date: February 23, 2024 5:03 pm IST

रायपुर, 23 फरवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ विधानसभा ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव पारित कर पिछले महीने अयोध्या में श्री राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

राज्य के धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग के मंत्री बृजमोहन अग्रवाल द्वारा सदन में रखे गए प्रस्ताव रखा में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य प्रभु श्री राम का ननिहाल है और श्री राम के वनवास काल में वन गमन मार्ग रहा है।

उसमें कहा गया है कि भगवान राम इस प्रदेश की तीन करोड़ जनता के आराध्य हैं।

प्रस्ताव के मुताबिक, “छत्तीसगढ़ राज्य के प्रत्येक नागरिक की ओर से यह सदन जन्मभूमि अयोध्या में लगभग पांच सौ वर्षों के बाद निर्मित भव्य राम मंदिर में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा दिनांक 22 जनवरी 2024 को प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा किए जाने पर कृतज्ञ है।”

प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सदस्य मौजूद नहीं थे। कबीरधाम जिले में पिछले महीने बैगा जनजाति से संबंधित एक परिवार के तीन सदस्यों की हत्या पर चर्चा की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद विपक्षी कांग्रेस सदस्यों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया था।

अग्रवाल ने कहा कि जब राम के ननिहाल में राम मंदिर पर आभार व्यक्त करने पर चर्चा चल रही है तो विपक्षी सदस्य मौजूद नहीं हैं।

मंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान रामलला की प्रतिष्ठा एक ऐतिहासिक घटना थी और दुनिया के कई देशों ने इसकी प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के लिए ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह इस चर्चा में मौजूद नहीं है।

उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सदस्य सदन में प्रस्ताव का विरोध करेंगे तो लोग उन्हें सबक सिखाएंगे और यदि वे इसका समर्थन करते हैं तो उनकी पार्टी उन्हें सबक सिखाएगी।

विपक्षी कांग्रेस सदस्यों की अनुपस्थिति में चर्चा के बाद सदन ने प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया।

भाषा संजीव नोमान

नोमान


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