रायपुर, 27 फरवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने शुक्रवार को रायगढ़ जिले में फ्लाई ऐश को कथित तौर पर अनधिकृत रूप से डंप करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)की सरकार पर निशाना साधा और सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से बहिर्गमन किया।
प्रश्नकाल के दौरान, कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक उमेश पटेल ने रायगढ़ जिले में संचालित उन कारखानों की जानकारी मांगी जिनसे फ्लाई ऐश निकलता है। उन्होंने पूछा कि 2023-24, 2024-25 और 2025-26 (चार फरवरी, 2026 तक) में अवैध या बिना इजाज़त फ्लाई ऐश डंपिंग के कितने मामले सामने आए, और ऐसे मामलों में क्या कार्रवाई की गई।
पटेल ने जिले में फ्लाई ऐश और कोयले की ढुलाई से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण को दूर करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने और उसे लागू करने के बारे में भी जानकारी मांगी।
सवालों का जवाब देते हुए, राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि रायगढ़ जिला के अंतर्गत वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में दिनांक चार फरवरी 2026 तक की अवधि में 24 ताप विद्युत संयंत्रों द्वारा राख का उपयोग भू-भराव/खदान भराव में किया गया/किया जा रहा है। इन ताप विद्युत संयंत्रों में से छह ताप विद्युत संयंत्रों द्वारा स्वयं के निर्मित ऐश डाईक (राख कां भंडारण करने का स्थान या बांध) में भी अस्थायी रूप से राख का भंडारण किया जाता है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में दिनांक चार फरवरी 2026 तक राख को अवैध/बिना अनुमति डंपिंग के 49 मामले मंडल के संज्ञान में आये हैं।
मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा आदेश के माध्यम से उद्योगों से कच्चे माल/उत्पाद/अपशिष्ट के सड़क मार्ग से परिवहन के दौरान प्रदूषण के रोकथाम के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी किया गया है, जो एक अगस्त 2024 से प्रभावी है तथा उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्टों के परिवहन की निगरानी के लिए औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन और निगरानी प्रणाली (आईडब्ल्यूएमएस) संचालित की गई है, जो एक मई 2025 से प्रभावी है।
चौधरी ने बताया कि परिवहन के दौरान एसओपी का उल्लंघन होने पर उद्योगों पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल जुर्माना लगाता है।
मंत्री का जवाब सुनने के बाद पटेल ने आरोप लगाया कि रायगढ़ ज़िले के बोतल्दा और बनीपाथर गांवों जैसी जगहों पर सड़क के किनारे फ्लाई ऐश अभी भी फेंके जा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि अधिकारी गलत जानकारी दे रहे हैं और वह इस मामले में पहले ही शिकायत कर चुके हैं।
जवाब में चौधरी ने कहा कि परिवहन से जुड़े उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई राज्य में पिछली कांग्रेस सरकार की तुलना में ’10 गुना ज़्यादा’ है।
उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के तहत 2021-22 और 2022-23 में कोई कार्रवाई नहीं की गई और कहा कि मौजूदा सरकार इसके लिए एक मॉडल एसओपी पर काम कर रही है।
मंत्री के जवाब से कांग्रेस के सदस्य संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने सदन से बहिर्गमन कर दिया।
भाषा संजीव धीरज
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