छत्तीसगढ़: कोरबा में धान खरीद का टोकन नहीं मिलने पर किसान ने आत्महत्या की कोशिश की
छत्तीसगढ़: कोरबा में धान खरीद का टोकन नहीं मिलने पर किसान ने आत्महत्या की कोशिश की
कोरबा, 12 जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में 56 वर्षीय एक किसान ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान बेचने के लिए जरूरी टोकन कथित तौर पर नहीं मिलने के बाद जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि किसान की पहचान सुमेर सिंह के रूप में हुई है, जो हरदीबाजार थाना क्षेत्र के कोरबी गांव का निवासी है और उसे कोरबा के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सिंह की पत्नी मुकुंद बाई ने संवाददाताओं को बताया कि उसके पति ने रविवार-सोमवार की दरमियानी रात को कीटनाशक खा लिया था।
उन्होंने बताया कि पड़ोसियों की मदद से सिंह को पहले हरदीबाजार स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में उन्हे कोरबा के जिला अस्पताल भेज दिया गया।
पीड़ित की पत्नी ने बताया कि सिंह धान बेचने खरीद केंद्र पर गये थे लेकिन बिक्री के लिए जरूरी टोकन कुछ तकनीकी गड़बड़ियों के कारण नहीं मिल पाया।
उन्होंने बताया, “एक महीने से ज्यादा समय से हम अपनी फसल बेचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन समस्या हल नहीं हुई।”
कोरबी गांव के रहने वाले संजय श्रीवास ने बताया कि पुटा गांव में किसान की लगभग 3.75 एकड़ जमीन है और उसके पास लगभग 68 क्विंटल धान बिना बिका रखा हुआ है।
उन्होंने दावा किया कि लगभग डेढ़ महीने से टोकन नहीं मिल पाया था और सिंह मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं करते हैं।
श्रीवास ने आरोप लगाया कि राजस्व और खरीद अधिकारियों के पास बार-बार जाने और शिकायत दर्ज कराने के बावजूद भी समस्या हल नहीं हुई।
कोरबा से कांग्रेस सांसद ज्योत्सना महंत घटना की जानकारी मिलने पर सोमवार को अस्पताल गईं और घटना को बेहद दुखद बताया।
उन्होंने किसानों को धान बेचने में गंभीर दिक्कतों का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की।
महंत ने आरोप लगाया, “यह दुखद है कि एक ऐसे राज्य में जहां आदिवासी मुख्यमंत्री हैं, एक आदिवासी किसान को जहर खाने पर मजबूर होना पड़ा। पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान ऐसी घटनाएं नहीं होती थीं। अधिकारी मनमानी कर रहे हैं और आदिवासी किसानों के साथ अन्याय हो रहा है।”
कोरबा जिलाधिकारी कुणाल दुदावत ने बताया कि प्रशासन ने घटना पर संज्ञान लिया है और उचित कार्रवाई शुरू की जा रही है।
उन्होंने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
पिछले महीने महासमुंद जिले में 65 वर्षीय एक किसान ने भी धान बेचने के लिए टोकन न मिलने के बाद गला काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी।
भाषा सं संजीव जितेंद्र
जितेंद्र

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