Chhattisgarh High Court RTI Judgment: अब RTI के जरिए नहीं देख सकेंगे किसी के निजी दस्तावेज, हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला…जानें क्या कहा

Chhattisgarh High Court RTI Judgment: अब RTI के जरिए नहीं देख सकेंगे किसी के निजी दस्तावेज, हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला...जानें क्या कहा

Chhattisgarh High Court RTI Judgment: अब RTI के जरिए नहीं देख सकेंगे किसी के निजी दस्तावेज, हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला…जानें क्या कहा

Chhattisgarh High Court RTI Judgment: अब RTI के जरिए नहीं देख सकेंगे किसी के निजी दस्तावेज, हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला...जानें क्या कहा /image: Social Media

Modified Date: August 5, 2026 / 12:55 pm IST
Published Date: August 5, 2026 12:34 pm IST
HIGHLIGHTS
  • हाईकोर्ट ने कहा, RTI के तहत किसी तीसरे पक्ष को निजी जानकारी नहीं दी जा सकती
  • विवाह पंजीयन, जन्मतिथि, फोटो और पहचान पत्र जैसी जानकारी रहेगी सुरक्षित
  • बड़े जनहित के मामले में ही निजी जानकारी साझा की जा सकेगी

बिलासपुर। Chhattisgarh High Court RTI Judgment: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट नेसूचना का अधिकार अधिनियम को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।  जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की सिंगल बेंच ने कहा, कि किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी जैसे मैरिज रजिस्ट्रेशन आवेदन, जन्मतिथि, पहचान पत्र या निजी दस्तावेज आरटीआई के तहत किसी तीसरे पक्ष को नहीं दी जा सकती, जब तक इसमें कोई बड़ा जनहित न जुड़ा हो। इस आधार पर कोर्ट ने दो याचिकाओं को खारिज कर दिया।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा, कि आरटीआई अधिनियम का मुख्य उद्देश्य पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन बनाना है, लेकिन धारा 8 (1) (जे) के तहत व्यक्तिगत निजता की रक्षा का भी स्पष्ट प्रावधान है। दरअसल, अंबिकापुर निवासी डीके सोनी ने हाई कोर्ट में याचिकाएं लगाई थीं, पहली याचिका में सूरजपुर जिले के अपर कलेक्टर व विशेष विवाह अधिकारी के समक्ष कपिल देव पैकरा और लवकेश कुमार पैकरा द्वारा प्रस्तुत विवाह पंजीयन आवेदनों, संलग्न दस्तावेजों, आदेश और इश्तहार की प्रमाणित प्रतियां आरटीआई के तहत मांगी थीं।

Chhattisgarh High Court RTI Judgment जन सूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी, सूरजपुर ने यह कहते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया था कि मामला विचाराधीन न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है और आवेदक थर्ड पार्टी है, इसलिए नियमों के तहत यह जानकारी नहीं दी जा सकती। फिर मामला राज्य सूचना आयोग रायपुर पहुंचा। आयोग ने 10 अक्टूबर 2019 को द्वितीय अपील खारिज करते हुए जन सूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी के फैसले को सही ठहराया था। इसके खिलाफ सोनी ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई।

कोर्ट ने खारिज कर दी याचिका

हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court RTI Judgment) ने मामले में सभी पक्षों को सुनने के दौरान बाद कहा, विवाह पंजीयन के लिए दिए गए आवेदन में नाम, पता, फोटो, जन्मतिथि और पहचान पत्र जैसे गोपनीय डेटा होते हैं। यदि याचिकाकर्ता कोई व्यापक जनहित जैसे भ्रष्टाचार उजागर करना या पद का दुरुपयोग साबित नहीं करता, तो ऐसी जानकारी देना व्यक्ति की निजता पर अनावश्यक हमला होगा। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.