Reported By: Akash Kumar Sahu
,राजनांदगांव। Chhattisgarh Intern Doctors Strike Today: जिले के शासकीय मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर उतर गए हैं। 128 इंटर्न डॉक्टरों में से 102 ने हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया है। इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में उन्हें काफी कम स्टाइपेंड (Stipend) मिलता है, जबकि काम का बोझ समान है। इधर, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि आवश्यक सेवाओं को हड़ताल से अलग रखा गया है, इसलिए मरीजों को गंभीर परेशानी नहीं होगी।
राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। पहले से ही मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में लगभग 60 प्रतिशत पद रिक्त हैं और ऐसे में इंटर्न डॉक्टर अस्पताल की व्यवस्था संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अब 102 इंटर्न डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से ओपीडी और अन्य विभागों की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। इंटर्न डॉक्टरों की मुख्य मांग स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की है।
Chhattisgarh Intern Doctors Strike Today उनका कहना है कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे पड़ोसी राज्यों में इंटर्न डॉक्टरों को उनसे कहीं अधिक स्टाइपेंड दिया जाता है, जबकि कार्य की जिम्मेदारियां लगभग समान हैं। कम स्टाइपेंड के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इंटर्न डॉक्टर हिमांशु कुमावत ने बताया कि सभी इंटर्न लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समान कार्य करने के बावजूद राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों को बहुत कम राशि मिल रही है, जिससे दैनिक खर्च और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द मांग पूरी करने की अपील की है।
Chhattisgarh Intern Doctors Strike Today वहीं, मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के पीआरओ डॉ. पवन जेठानी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में कुल 128 इंटर्न डॉक्टर कार्यरत हैं, जिनमें से 102 ने हड़ताल का पत्र सौंपा है। हालांकि इंटर्न डॉक्टरों ने कैजुअल्टी और आईसीयू जैसी आवश्यक सेवाओं को हड़ताल से अलग रखा है, इसलिए गंभीर मरीजों के उपचार पर अधिक असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने स्वीकार किया कि अन्य विभागों में कामकाज कुछ हद तक प्रभावित हो सकता है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने का प्रयास कर रहा है।
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