रायपुर, एक जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र का दायरा बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन तैयार करने और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण और सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गये। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में इस महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये।
उन्होंने बताया कि समझौते का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य देखभाल प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना, युवाओं का कौशल उन्नयन और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करना है।
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से आवासीय एवं गैर-आवासीय दोनों प्रकार के निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि एमओयू के तहत चार प्रकार के पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिनमें मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, कार्डियोलॉजी तकनीशियन, ईसीजी तकनीशियन, कार्डियक केयर तकनीशियन तथा इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन के प्रशिक्षण शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि ये पाठ्यक्रम युवाओं को विशेषज्ञता के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर निर्माण का अवसर उपलब्ध कराएंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास को विकास की रीढ़ मानती है और विशेष रूप से स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशलयुक्त कार्यबल तैयार करने पर बल दे रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ युवाओं के लिए व्यापक रोजगार संभावनाएं भी उत्पन्न करेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कौशल विकास पर केंद्रित यह साझेदारी राज्य के दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में सहायक सिद्ध होगी।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित युवा अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और आपातकालीन सेवाओं में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।
भाषा संजीव जितेंद्र
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