रायपुर, एक जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए सर्वसुविधायुक्त ‘विश्राम गृह’ बनाने के लिए राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग और सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गये। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देशय मरिजों के परिजनों को रात बिताने के लिए सुरक्षित छत मुहैया कराना है।
इन विश्राम गृहों में मरीजों के परिजनों के लिए 24 घंटे सुरक्षा, सीसीटीवी की निगरानी, साफ-सुथरा भोजन और एक गरिमामय माहौल भी सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में मंत्रालय नवा रायपुर में चिकित्सका शिक्षा विभाग और सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि इन आश्रय स्थलों के निर्माण, सजावट और उनके रोजमर्रा के संचालन का पूरा जिम्मा संस्था खुद उठाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि योजना के पहले चरण में रायपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और जगदलपुर जैसे प्रमुख शहरों के मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों को चुना गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा, “राज्य सरकार का उद्देश्य केवल बेहतर इलाज उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि मरीजों के साथ आने वाले परिजनों की गरिमा और सुविधा का भी ख्याल रखना है। दूर-दराज से आने वाले लोग कई दिनों तक अस्पतालों के आसपास असुविधाजनक परिस्थितियों में रुकने को मजबूर होते हैं। विश्राम गृह की व्यवस्था उनके लिए सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती ठहराव का बड़ा सहारा साबित होगी।”
उन्होंने कहा, “यह पहल संवेदनशील और उत्तरदायी शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विश्राम गृहों के माध्यम से मरीज परिजनों को सम्मानजनक आवास, भोजन और बुनियादी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मानवता और संवेदना का समन्वय और सुदृढ़ होगा।”
अधिकारियों ने बताया कि इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री खुशवंत साहेब, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त रितेश अग्रवाल और सेवादान फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित थे।
भाषा संजीव जितेंद्र
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