नारायणपुर, तीन मई (भाषा) छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए बारूद के ढेर में हुए विस्फोट में जान गंवाने वाले तीन पुलिसकर्मियों को रविवार को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गई।
बारूद के एक ढेर को नष्ट करने की कोशिश के दौरान हुए धमाके में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के एक निरीक्षक समेत चार पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी।
इस घटना में जान गंवाने वाले तीन पुलिसकर्मियों के पार्थिव शरीरों पर पुष्पचक्र अर्पित किए गए। इस दौरान शोकाकुल परिजन अपने प्रियजनों को खोने के दुख से व्यथित नजर आए और सुरक्षाकर्मी उन्हें ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे थे।
जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों के बीच पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
शनिवार को हुए विस्फोट में जान गंवाने वाले निरीक्षक सुखराम वट्टी (40), कांस्टेबल कृष्णा कोमरा (35) और संजय गढ़पाले (29) को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पुष्पांजलि समारोह कांकेर के पड़ोसी नारायणपुर जिले के पुलिस लाइन में आयोजित किया गया।
पुलिस ने बताया कि रायपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले आरक्षक परमानंद कोमरा (29) का पार्थिव शरीर कांकेर ले जाया जाएगा, जहां उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से कहा कि चारों पुलिसकर्मियों ने क्षेत्र की सुरक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।’’
राज्य को 31 मार्च को सशस्त्र माओवादियों से मुक्त घोषित किए जाने के बाद नक्सल गतिविधियों से जुड़ी विस्फोट की यह पहली घटना है। यह इस साल का भी पहला ऐसा मामला है जिसमें नक्सल विरोधी अभियानों में जुटे सुरक्षाकर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
भाषा सिम्मी नेत्रपाल सुरभि
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