नेतृत्व विवाद के बीच छत्तीसगढ़ के बालोद में पहली राष्ट्रीय ‘रोवर-रेंजर जंबूरी’ शुरू
नेतृत्व विवाद के बीच छत्तीसगढ़ के बालोद में पहली राष्ट्रीय ‘रोवर-रेंजर जंबूरी’ शुरू
बालोद (छत्तीसगढ़), नौ जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने शुक्रवार को बालोद जिले में देश की पहली पांच दिवसीय राष्ट्रीय ‘रोवर-रेंजर जंबूरी’ का उद्घाटन किया और कहा कि यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान, युवा नेतृत्व एवं राष्ट्रीय एकता के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।
राज्यपाल ने कहा कि ऐसे आयोजन सांस्कृतिक समझ और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करते हैं तथा राष्ट्रीय स्तर की ‘जंबूरी’ की मेजबानी करना राज्य के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि ‘भारत स्काउट्स एंड गाइड्स’ की जंबूरी (एक सम्मिलन कार्यक्रम) एक ‘उल्लेखनीय मील का पत्थर’ है, जिसने विभिन्न क्षेत्रों, भाषाओं और संस्कृतियों के युवाओं को एक मंच पर लाया है और वे एक भारत, श्रेष्ठ भारत, युवा भारत के ध्येयवाक्य पर आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक बयान में कहा कि बालोद जिले के दुधली गांव में नौ से 13 जनवरी तक आयोजित प्रथम राष्ट्रीय ‘रोवर-रेंजर जंबूरी’ में देश-विदेश से आये लगभग 15 हजार रोवर-रेंजर अपनी सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का जीवंत प्रदर्शन कर रहे हैं।
साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक जंबूरी छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति को राष्ट्रीय मंच पर लाने का सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि बालोद की धरती पर उमड़ा यह उत्साह भारत की भावी पीढ़ी की ऊर्जा, समर्पण और संकल्प को स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित करता है।
साय दिन में पहले एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गोवा गए थे।
उन्होंने जंबूरी में भाग ले रहे सभी ‘रोवर-रेंजरों’ को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका उत्साह और सेवा भाव छत्तीसगढ़ का परचम देश-दुनिया में तथा ऊंचाई तक ले जाएगा।
राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को जीवन मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक दायित्वों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि रोवर-रेंजर देश के वे युवा हैं, जो समाज, राष्ट्र और विश्व के लिए कुछ अच्छा करने का जज्बा रखते हैं।
यह जंबूरी मंत्री यादव और भाजपा के लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बीच भारत स्काउट्स एंड गाइड्स छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर चल रही खींचतान के बीच हो रही है।
बृहस्पतिवार रात दिल्ली से लौटने के बाद रायपुर में संवाददाताओं से बात करते हुए, अग्रवाल ने कहा था कि अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने कुछ ‘अनियमितताओं’ को उठाया था और ऐसी विसंगतियों और विवादों के बीच ऐसा कार्यक्रम नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य परिषद ने पहले ही कार्यक्रम को रद्द करने का फैसला किया था और यह बता दिया था कि अगर आपत्तियों के बावजूद इसे आयोजित किया जाता है, तो इसकी ज़िम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग की होगी।
अग्रवाल ने दावा किया कि उन्हें पांच साल के कार्यकाल के लिए अध्यक्ष चुना गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उन्हें हटाए बिना एक नए अध्यक्ष की घोषणा कर दी।
उन्होंने कहा, ‘मैंने इस मामले को पार्टी और सरकार के वरिष्ठ नेताओं के संज्ञान में लाया है और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है।’
यह विवाद पिछले साल 13 दिसंबर को तब शुरू हुआ जब स्कूल शिक्षा विभाग ने एक प्रेस नोट जारी कर मंत्री यादव को भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के राज्य एसोसिएशन का पदेन अध्यक्ष नामित किया। मामला तब और बढ़ गया जब जंबूरी होने की जगह नवा रायपुर से बालोद कर दिया गया।
इस विवाद पर यादव ने शुक्रवार को कहा कि कोई व्यक्तिगत मनमुटाव नहीं है और उन्होंने अग्रवाल को ‘वरिष्ठ और बड़ा भाई’ बताया।
उन्होंने कहा कि उन्होंने अग्रवाल से फोन पर बात की है और मामले को सुलझाने के लिए उनसे मिलेंगे।
नौ बार के विधायक अग्रवाल को भाजपा ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद 2023 में स्कूल शिक्षा मंत्री बनाया था, लेकिन 2024 में उनके लोकसभा सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने अपनी सीट और मंत्री का पद छोड़ दिया।
भाषा सं संजीव
राजकुमार
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