छत्तीसगढ़ के सुकमा में आठ लाख रुपए के इनामी चार माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

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छत्तीसगढ़ के सुकमा में आठ लाख रुपए के इनामी चार माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

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  • Publish Date - January 30, 2026 / 12:34 PM IST,
    Updated On - January 30, 2026 / 12:34 PM IST

सुकमा (छत्तीसगढ़), 30 जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में कुल आठ लाख रुपये के इनामी चार नक्सलियों ने हथियारों के साथ सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि दो महिलाओं सहित सभी माओवादी दक्षिण बस्तर डिवीजन के तहत किस्टाराम एरिया कमेटी के सदस्य थे। नक्सलियों ने पूना मार्गेम पहल के तहत आत्मसमर्पण किया है।

सुंदरराज ने बताया कि माओवादी राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से भी प्रभावित थे।

उन्होंने बताया कि एरिया कमेटी सदस्य सोढ़ी जोगा पर पांच लाख रुपये का और तीन अन्य पार्टी सदस्य डाबर गंगा उर्फ मडकम गंगा, सोढ़ी राजे और माड़वी बुधरी पर एक—एक लाख रुपए का इनाम है।

अधिकारी ने बताया कि माओवादी सदस्यों ने एक इंसास राइफल, एक सिंगल लोडिंग राइफल (एसएलआर), एक .303 राइफल, एक .315 राइफल और गोला-बारूद के साथ आत्मसमर्पण किया है।

उन्होंने बताया कि सुकमा जिले और अल्लूरी सीताराम राजू जिले (आंध्र प्रदेश) की पुलिस ने उनके आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सुंदरराज ने बताया कि यह आत्मसमर्पण किस्टाराम और गोलापल्ली क्षेत्रों में स्थापित नवीन सुरक्षा शिविरों, सीधे सड़क कनेक्टिविटी बढ़ने, लगातार प्रभावी नक्सल विरोधी अभियान में मिली सफलता के परिणामस्वरूप संभव हो पाया है। सुरक्षा शिविरों की स्थापना के बाद माओवादियों की गतिविधियां सीमित हुई हैं तथा उनके स्वतंत्र विचरण क्षेत्र का दायरा समाप्त हुआ है।

उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को सरकारी नीति के अनुसार पुनर्वास, वित्तीय सहायता और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने क्षेत्र में सक्रिय सभी शेष माओवादी कैडरों से हिंसा छोड़ने की अपील की, और उन्हें सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने का आश्वासन दिया।

इस आत्मसमर्पण के साथ, इस साल अब तक राज्य में दो सौ से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। 15 जनवरी को पड़ोसी बीजापुर जिले में 52 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। 2025 में राज्य में 1500 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।

केंद्र सरकार ने इस साल 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया है।

भाषा सं संजीव मनीषा

मनीषा