Purchase of cycle rickshaws at more than double the market rate using digital signatures of 23 gram panchayat secretaries
पेंड्रा। ग्राम पंचायत के सचिवों क़ी जानकारी के बिना उनके डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग करके जिला पंचायत के कुछ अधिकारियों द्वारा बाजार दर से दोगुने से भी अधिक दर पर रिक्शा खरीदी का घोटाला सामने आया है। बता दें कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चयनित ग्राम पंचायतों में कचरा कलेक्शन के लिये प्रति पंचायत 02 नग गार्बेज रिक्शा सायकिल क्रय करने हेतु शासन से आबंटन प्राप्त हुआ है। इसके तहत जनपद पंचायत पेंड्रा के 23 ग्राम पंचायत पीथमपुर, तिलोरा, कोडगार, गोढ़ा, घाटबहरा, घघरा, देवरीखुर्द, बारीउमराव, अड़मार, लाटा, सोनबचरवार, कुदरी, कुड़कई,, बसंतपुर, टांगियामार, झाबर, मुरमुर, बचरवार, सकोला और अमारु ग्राम पंचायत के सचिवों के डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग कर रिक्शा खरीदकर जनपद पंचायत के प्रांगण में डम्प कर दिया गया है। इसके लिये बैठक बुलायी गयी जिसमें डिजिटल सिग्नेचर लेकर आना अनिवार्य किया गया और खरीदी की प्रक्रिया को पूरी कर लिया गया।
दोगुने से भी अधिक कीमत पर साइकिल रिक्शा क़ी खरीदी
जनपद पंचायत के वरिष्ठ करारोपण अधिकारी कृष्ण कुमार देवांगन द्वारा उक्त गार्बेज रिक्शा का परीक्षण करने एवं प्रचलित बाजार मूल्य के तहत 03 फर्म से कोटेशन मंगाया गया, जिसमें पाया गया वर्तमान में प्रचलित बाजार मूल्य से दोगुने से भी अधिक दर पर इन 23 पंचायत हेतु दो-दो नग गार्बेज रिक्शा खरीद कर जनपद पंचायत पेंड्रा में डंप किया गया है। छत्तीसगढ़ पंचायतराज अधिनियम 1993 के सामग्री तथा माल क्रय नियम 2013 – के नियम 3 के भाग 4 में स्पष्ट उल्लेख है, कि ग्राम पंचायत के मामले में 10 हजार से अधिक लागत की समाग्री तथा माल खरीदने के लिये खुली निविदाए आमंत्रित करना अनिवार्य है।
सचिवों ने साइकिल रिक्शा की क्वालिटी पर असंतोष जताया
इन ग्राम पंचायतो के लिए गार्बेज रिक्शा उपरोक्त नियमों के विपरीत खरीदा गया है, जिसके लिए जनपद पंचायत पेंड्रा के करारोपण अधिकारी ने इन सचिवों को नोटिस जारी किया। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ कि संबंधित ग्राम पंचायत के सचिवों की जानकारी के बिना ही उनके डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग करके बाजार दर से दोगुने से भी अधिक कीमत पर इन साइकिल रिक्शा क़ी खरीदी क़ी गई है। कुछ सचिवों को रिक्शा खरीदी की जानकारी तो थी, लेकिन रेट की जानकारी नहीं थी। कुछ सचिवों ने साइकिल रिक्शा की क्वालिटी पर भी असंतोष जताया है।
शासन को लाखों रुपए की चपत
मिली जानकारी के मुताबिक जनपद पंचायत पेंड्रा के 23 गांव के अलावा, जनपद पंचायत गौरेला और मरवाही के 24 – 24 ग्राम पंचायतों के लिए भी 2- 2 नग साइकिल रिक्शा एक लाख पांच हजार क़ी दर से ख़रीदा जा रहा है, जबकि 45 – 46 हजार में 2 नग साइकिल रिक्शा आसानी से बाजार से ख़रीदा जा सकता है। तो कुल मिलाकर शासन को लाखों रुपए की चपत सबंधित अधिकारियों के द्वारा लगाई जा रही है। वहीं मामले में जिला पंचायत डीआरडीए परियोजना निदेशक आर के खूंटे ने मामले को सिरे से नकारते हुए कहा है कि साइकिल रिक्शा की खरीदी शासन द्वारा निर्धारित ई मानक के आधार पर की गई है, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित एजेंसी के माध्यम से खरीदी की गई है, सभी नियमों को ध्यान मे रखकर खरीदी की गई है।