Raipur CMHO Corruption: डीजल से चलती है रायपुर CMHO ऑफिस की बाइक! संविदाकर्मी ने सरकार को लगाया लाखों रुपए का चूना, ऐसे हुआ खुलासा

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डीजल से चलती है रायपुर CMHO ऑफिस की बाइक! संविदाकर्मी ने सरकार को लगाया लाखों रुपए का चूना, IBC24 Disclose Raipur CMHO Corruption

  • Reported By: Sandeep Shukla

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  • Publish Date - February 18, 2026 / 04:48 PM IST,
    Updated On - February 18, 2026 / 05:14 PM IST
HIGHLIGHTS
  • रायपुर CMHO कार्यालय में लाखों के कथित भ्रष्टाचार का खुलासा।
  • दोपहिया वाहनों के नाम पर डीज़ल बिल पास होने का आरोप।
  • विभाग के अधिकारियों की भूमिका सवालों में।

रायपुर। Raipur CMHO Corruption: राजधानी रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। डीज़ल और टाइपिंग के नाम पर लाखों रुपए का भ्रष्टाचार किया गया है। बाइकों को डीज़ल गाड़ी बताकर संविदाकर्मी ने लाखों रुपयों का आहरण कर लिया। IBC24 के पास इसके दस्तावेज मौजूद है। मामले में सांख्यिकी अधिकारी और अन्य अधिकारियों को भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। IBC24 के इस खुलासे के बाद अब स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला राजधानी रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय का है और इस पूरे काले खेल को संविदाकर्मी नवीन साहू ने अंजाम दिया है। उसने खुद को वेंडर बताकर अपने ही खाते में लाखों रुपये ट्रांसफर करवाया है। नवीन ने जिन वाहनों के नाम पर डीज़ल के बिल पारित करवाया हैं, वे दरअसल दोपहिया वाहन बुलेट, स्प्लेंडर, मेस्ट्रो और एक्टिवा बताए जा रहे हैं। इन दोपहिया वाहनों के नाम पर भारी मात्रा में डीज़ल बिल निकालकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया। दस्तावेजों से संकेत मिलता है कि भुगतान प्रक्रिया में सत्यापन की अनदेखी की गई।

टाइपिंग और फोटो कॉपी के नाम पर लाखों का भुगतान

Raipur CMHO Corruption: मामले में यह भी सामने आया है कि हाईकोर्ट से संबंधित कार्यों के लिए टाइपिंग और फोटो कॉपी मद में भी लाखों रुपये का बिल जारी किया गया। इन भुगतानों की वास्तविकता और कार्य की मात्रा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में सांख्यिकी अधिकारी सहित कुछ अन्य अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। आशंका है कि बिलों के अनुमोदन और भुगतान में आवश्यक जांच-पड़ताल नहीं की गई।

यह भी पढ़ेंः-

  • दोपहिया वाहनों के नाम पर डीज़ल बिल पास होने का आरोप।

  • संविदाकर्मी पर फर्जी वेंडर बनकर राशि ट्रांसफर कराने का आरोप, अधिकारियों की भूमिका सवालों में।

रायपुर CMHO भ्रष्टाचार मामला क्या है?

यह मामला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय में डीज़ल और टाइपिंग/फोटो कॉपी मद में कथित रूप से लाखों रुपये के अनियमित भुगतान से जुड़ा है।

इस मामले में किस पर आरोप है?

जानकारी के अनुसार एक संविदाकर्मी पर खुद को वेंडर बताकर अपने खाते में राशि ट्रांसफर कराने का आरोप है। साथ ही कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।

डीज़ल बिल में क्या गड़बड़ी सामने आई है?

आरोप है कि दोपहिया वाहनों के नाम पर डीज़ल के बिल पारित किए गए, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।

टाइपिंग और फोटो कॉपी भुगतान को लेकर क्या सवाल हैं?

हाईकोर्ट से संबंधित कार्यों के नाम पर लाखों रुपये के बिल जारी किए गए, जिनकी वास्तविकता और मात्रा पर प्रश्न उठ रहे हैं।

अब आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?

मामले के सार्वजनिक होने के बाद विभागीय जांच की संभावना है। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों पर प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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