( से यून पार्क, द यूनिवर्सिटी ऑफ क्वीन्सलैंड )
ब्रिस्बेन, 18 फरवरी (द कन्वरसेशन) आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा है कि उनकी सरकार सीरिया के एक हिरासत केंद्र से रिहा हुईं, इस्लामिक स्टेट (आईएस) से संबद्ध 34 ऑस्ट्रेलियाई महिलाओं और बच्चों की स्वदेश वापसी में मदद नहीं करेगी।
ये लोग उत्तरी सीरिया के कुर्द-नियंत्रित अल-रोज़ शिविर में हिरासत में रखे गए 50 देशों के 2,000 से अधिक लोगों में शामिल थे और हाल में ऑस्ट्रेलिया लौटने की कोशिश में थे।
सरकार के इस रुख को लेकर विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं और कहा है कि यह न तो दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित है और न ही सुसंगत नीति का हिस्सा है। उनका तर्क है कि ऑस्ट्रेलिया पहले यह दिखा चुका है कि वह अपने नागरिकों की नियंत्रित और सुरक्षित वापसी करा सकता है।
वर्ष 2022 में ऑस्ट्रेलिया ने उन चार महिलाओं और उनके 13 बच्चों को सीरिया से वापस लाने में मदद की थी जो जो आईएस लड़ाकों की पत्नियां या विधवाएं थीं। हालांकि, इसके बाद की कानूनी और पुनर्वास प्रक्रिया को लेकर सीमित जानकारी ही सार्वजनिक की गई। इनमें से एक महिला, मरियम राद, पर आईएस-नियंत्रित क्षेत्र में प्रवेश करने का मामला चला था। उन्होंने दोष स्वीकार किया, लेकिन उन्हें बिना दोषसिद्धि के, अच्छे आचरण के आधार पर रिहा कर दिया गया। अन्य महिलाओं के पुनर्वास और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया ने अब तक ऐसी वापसी के लिए कोई स्थायी रूपरेखा नहीं बनायी है। निर्णय प्रायः मामला-दर-मामला आधार पर लिया जाता है, जिससे नीति में अस्पष्टता और असंगति बनी रहती है। 2022 में उच्च न्यायालय द्वारा नागरिकता रद्द करने की सरकारी शक्ति सीमित किए जाने के बाद स्थिति बदली थी, लेकिन इस बदलाव को संस्थागत रूप नहीं दिया गया।
विश्लेषकों के अनुसार, नागरिकों को विदेशी शिविरों में छोड़ देना जोखिम समाप्त नहीं करता, बल्कि उसे अनियंत्रित बना देता है। यदि व्यक्ति स्वतंत्र रूप से लौटते हैं, तो सुरक्षा एजेंसियों के पास तैयारी और निगरानी का कम समय होता है। इससे कानूनी कार्रवाई, पुनर्वास और खुफिया निगरानी की प्रक्रिया कमजोर हो सकती है।
ऑस्ट्रेलिया के कुछ सहयोगी देशों ने अलग रुख अपनाया है। अमेरिका ने पश्चिमी देशों से अपने नागरिकों को वापस लाने का आग्रह किया है। नीदरलैंड, जर्मनी और फ्रांस जैसे यूरोपीय देशों ने न्यायिक प्रक्रिया और दीर्घकालिक निगरानी से जुड़े योजनाबद्ध कार्यक्रमों के तहत महिलाओं और बच्चों की वापसी शुरू की है। इन देशों का मानना है कि नियंत्रित वापसी सुरक्षा प्रबंधन की रणनीति है, न कि रियायत।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सीरिया में कई ऑस्ट्रेलियाई महिलाएं वर्षों से बिना आरोप या मुकदमे के हिरासत में हैं। ऐसी अनिश्चितकालीन विदेशी हिरासत ऑस्ट्रेलिया की विधि-शासन और उचित प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े कर सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सवाल यह नहीं है कि ये महिलाएं और बच्चे लौटेंगे या नहीं, बल्कि यह है कि ऑस्ट्रेलिया उनकी वापसी को सुनियोजित और कानूनी ढांचे में प्रबंधित करेगा या फिर परिस्थितियों के दबाव में बाद में प्रतिक्रिया देगा।
( द कन्वरसेशन ) मनीषा पवनेश
पवनेश