Bijapur IED Blast: गणतंत्र दिवस से ठीक पहले छत्तीसगढ़ में IED ब्लास्ट, DRG के इतने जवान घायल, इस संवेदनशील इलाके में निकले थे सर्चिंग पर

गणतंत्र दिवस से ठीक पहले छत्तीसगढ़ में IED ब्लास्ट, IED Blast Bijapur Chhattisgarh before Republic Day

Bijapur IED Blast: गणतंत्र दिवस से ठीक पहले छत्तीसगढ़ में IED ब्लास्ट, DRG के इतने जवान घायल, इस संवेदनशील इलाके में निकले थे सर्चिंग पर

Bijapur IED Blast. Image Source- IBC24

Modified Date: January 26, 2026 / 12:18 am IST
Published Date: January 25, 2026 10:59 pm IST

बीजापुर। Bijapur IED Blast: गणतंत्र दिवस से ठीक पहले छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़–तेलंगाना सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा पहाड़ी में सर्च ऑपरेशन के दौरान IED विस्फोट हो गया, जिसमें डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के तीन जवान घायल हो गए। घटना के बाद घायल जवानों को प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद उनकी स्थिति को देखते हुए रायपुर रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि तीनों जवान खतरे से बाहर हैं।

Bijapur IED Blast: प्राप्त जानकारी के अनुसार DRG की टीम नक्सल विरोधी अभियान के तहत कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। इसी दौरान जवानों के मूवमेंट के समय पहले से बिछाए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) में धमाका हो गया। विस्फोट में तीन जवान घायल हो गए। IED ब्लास्ट की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र लंबे समय से नक्सल गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है।

47 गांवों में पहली बार मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस (Bijapur IED Blast)

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में दशकों तक चले नक्सल हिंसा के अंधकार के बाद अब शांति, विश्वास और लोकतंत्र का उजास दिखाई देने लगा है। लंबे समय तक माओवादी उग्रवाद से प्रभावित रहे बस्तर संभाग के बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिले के 47 ऐसे गांव, जहां अब तक राष्ट्रीय पर्व मनाना संभव नहीं था, वहां इस वर्ष 26 जनवरी को पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। यह अवसर बस्तर के इतिहास में लोकतांत्रिक पुनर्स्थापना का साक्षी होगा। बीते दो वर्षों में केंद्र एवं राज्य सरकार की समन्वित रणनीति, सुरक्षाबलों की सतत कार्रवाई और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से बस्तर संभाग में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 59 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिससे उन गांवों में सुरक्षा और प्रशासन की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित हुई है। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप बस्तर के 53 गांवों में बीते वर्ष 76वां गणतंत्र दिवस समारोह धूम-धाम से मनाया गया था, अब इस कड़ी में 47 और नये ऐसे गांव जुड़ गए हैं जहां इस साल पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।