Janjgir News: छत्तीसगढ़ में “शबरी कार सेवा”, शिवरीनारायण को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक-मुक्त बनाने जनआंदोलन शुरू, अफसरों ने किया श्रमदान

जांजगीर-चांपा के शिवरीनारायण में “शबरी कार सेवा” अभियान का शुभारंभ हुआ। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर नागरिक की सतत जिम्मेदारी है। अभियान के तहत 100 प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, घाटों और बाजारों की स्वच्छता, प्लास्टिक-मुक्त व्यवहार और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार देने पर विशेष जोर दिया गया।

Janjgir News: छत्तीसगढ़ में “शबरी कार सेवा”, शिवरीनारायण को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक-मुक्त बनाने जनआंदोलन शुरू, अफसरों ने किया श्रमदान

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Modified Date: January 4, 2026 / 07:28 pm IST
Published Date: January 4, 2026 7:24 pm IST
HIGHLIGHTS
  • जिला प्रशासन और नगर पंचायत शिवरीनारायण ने “शबरी कार सेवा” अभियान का आज शुभारंभ किया।
  • कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अभियान को निरंतर और जनभागीदारी वाला बताया।
  • 100 प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, प्लास्टिक-मुक्त व्यवहार और स्व-सहायता समूहों की भागीदारी पर विशेष जोर।

जांजगीर-चांपा: Janjgir News  जिला प्रशासन जांजगीर-चांपा एवं नगर पंचायत शिवरीनारायण की संयुक्त पहल “शबरी कार सेवा” का आज शुभारंभ किया गया। स्वच्छता को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से आयोजित इस अभियान की शुरुआत स्वच्छता सेनानी अभियान के अंतर्गत सामूहिक श्रमदान एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम के साथ की गई।अभियान में पुलिस अधीक्षक विजय पांडेय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गोकुल रावटे, नगर पंचायत शिवरीनारायण अध्यक्ष राहुल थवाईत सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा कि शिवरीनारायण एक पवित्र, ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी है, जहाँ तीन नदियों का संगम इसकी विशिष्ट पहचान है। ऐसी नैसर्गिक एवं धार्मिक धरोहर को स्वच्छ, सुंदर एवं प्लास्टिक-मुक्त बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शबरी कार सेवा केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसे निरंतर अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।इस अभियान के माध्यम से जनभागीदारी, अनुशासन एवं निरंतर प्रयासों के साथ शिवरीनारायण को स्वच्छ, सुंदर एवं प्लास्टिक-मुक्त धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में शुरुवात की गई।

कलेक्टर महोबे ने कहा कि जिस प्रकार हम अपने घर को प्रतिदिन स्वच्छ रखते हैं, उसी प्रकार पूरे शिवरीनारायण नगर को भी अपना घर मानकर स्वच्छ रखना होगा। कचरे का संग्रहण, उसका सेग्रीगेशन एवं शत-प्रतिशत निस्तारण हम सभी का दायित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

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कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन, नगर पंचायत, जनप्रतिनिधि, पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी, सामाजिक संगठन, स्व-सहायता समूह, युवा, महिलाएँ, छात्र-छात्राएँ, पुजारीगण एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया —“शिवरीनारायण हमारा है और इसे स्वच्छ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।”कलेक्टर ने नागरिकों को स्वच्छता सेनानी के रूप में जोड़ते हुए स्वच्छता संबंधी शपथ दिलाई गई। शपथ में खुले में कचरा नहीं फैलाने, घाटों एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने, घर-घर गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण तथा समाज को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने का संकल्प शामिल रहा।

“स्वच्छता केवल कार्यक्रम नहीं, नागरिक आदत बने” — कलेक्टर

कलेक्टर महोबे ने कहा कि स्वच्छता किसी एक दिन या एक विभाग का कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सतत जिम्मेदारी है। शिवरीनारायण को आदर्श नगर के रूप में विकसित करने के लिए जिला प्रशासन एवं नागरिकों की संयुक्त भागीदारी आवश्यक है।नगर की स्वच्छता व्यवस्था से जुड़े सभी सफाई कर्मचारियों को “स्वच्छता मित्र” के रूप में सम्मानित किए जाने की बात कही गई। कलेक्टर ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के योगदान के बिना स्वच्छ शिवरीनारायण की कल्पना संभव नहीं है।

100 प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण पर विशेष जोर

अभियान के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करते हुए 100 प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, खुले में कचरा फेंकने पर रोक एवं निरंतर निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है। डस्टबिन-फ्री बाजार की पहल से स्वच्छ एवं व्यवस्थित बाजार संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा।

स्व-सहायता समूहों एवं महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल स्वच्छता अभियान में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इससे महिलाओं को स्थायी रोजगार, नियमित आय एवं आत्मनिर्भरता के अवसर प्राप्त होंगे।प्लास्टिक-मुक्त व्यवहार एवं पर्यटन विकास पर फोकस नागरिकों से अपील की गई कि बाजार जाते समय कपड़े या जूट के थैले का उपयोग करें। साथ ही घाटों के सौंदर्यीकरण, एक्सपीरियंस ज़ोन के विकास, नाव संचालन एवं नदी-तट प्रबंधन के माध्यम से स्वच्छता, पर्यटन एवं पर्यावरण को एक साथ सशक्त किया जाएगा।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..