Jashpur Rape Case: प्यार के नाम पर धोखा! युवती को शादी का सपना दिखाकर करता रहा गलत काम, अब कोर्ट ने सुनाई ये कड़ी सजा

Jashpur Rape Case: प्यार के नाम पर धोखा! युवती को शादी का सपना दिखाकर करता रहा गलत काम, अब कोर्ट ने सुनाई ये कड़ी सजा

Jashpur Rape Case: प्यार के नाम पर धोखा! युवती को शादी का सपना दिखाकर करता रहा गलत काम, अब कोर्ट ने सुनाई ये कड़ी सजा

Jashpur Rape Case/Image- AI Generated

Modified Date: May 15, 2026 / 06:06 pm IST
Published Date: May 15, 2026 6:04 pm IST
HIGHLIGHTS
  • शादी का झांसा देकर दुष्कर्म मामले में आरोपी को 10 साल की सजा
  • विशेष न्यायालय ने आरोपी पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया
  • पीड़िता की शिकायत पर कुनकुरी पुलिस ने आरोपी को 2024 में गिरफ्तार किया था

Jashpur Rape Case: जशपुर जिले के कुनकुरी थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी को 10 साल की सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त 6 माह की सश्रम कारावास भुगतनी होगी।

शादी का झांसा देकर कई साल तक करता रहा रेप

मामले में आरोपी की पहचान 29 वर्षीय वासिफ अंसारी निवासी सिमडेगा, झारखंड के रूप में हुई है। आपको बता दे कि आरोपी वर्ष 2019 से दिसंबर 2023 तक पीड़िता को शादी का झांसा देकर लगातार दुष्कर्म करता रहा। जब पीड़िता ने शादी करने का दबाव बनाया तो आरोपी उसे छोड़कर फरार हो गया। पीड़िता ने 19 जनवरी 2024 को थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

2018 में हुई थी मुलाकात 

शिकायत में बताया गया कि वह कुनकुरी में किराए के मकान में रहकर एक दुकान में काम करती थी। वर्ष 2018 में जशपुर में उसकी मुलाकात आरोपी से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत शुरू हुई। इसी दौरान आरोपी ने प्रेम और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया और कई साल तक उसका शोषण करता रहा। पीड़िता की शिकायत पर कुनकुरी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धारा 376 और एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर साल 2024 में ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

मामले की जांच कुनकुरी एसडीओपी विनोद कुमार मंडावी और तत्कालीन थाना प्रभारी उप निरीक्षक सुनील सिंह ने की थी। वहीं, लोक अभियोजक अजीत रजक की पैरवी और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई।

 

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लेखक के बारे में

जागेश साहू- 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.