Student Viral Video : हॉस्टल के टॉयलेट से वायरल हुआ वीडियो, पढ़ाई की जगह छात्र कर रहे हैं हैरान करने वाला काम, आप भी देखे वीडियो

कवर्धा के प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास में छात्रों को किताबों की जगह झाड़ू पकड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में छात्र हॉस्टल के टॉयलेट साफ करते दिखाई दे रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं।

Student Viral Video : हॉस्टल के टॉयलेट से वायरल हुआ वीडियो, पढ़ाई की जगह छात्र कर रहे हैं हैरान करने वाला काम, आप भी देखे वीडियो

kawardha viral video/ Image Source: IBC24

Modified Date: December 15, 2025 / 01:55 pm IST
Published Date: December 15, 2025 1:47 pm IST
HIGHLIGHTS
  • कवर्धा के प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास में छात्र हॉस्टल की सफाई कर रहे हैं।
  • बच्चों के हाथों में किताबों की जगह झाड़ू दिखाई दे रही है।
  • छात्रावास अधीक्षक अक्सर अनुपस्थित रहते हैं

Student Viral Video कवर्धा: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से गंभीर मामला सामने आया है। प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास में छात्र बच्चों को हॉस्टल का टॉयलेट साफ करते देखा गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। वीडियो में छात्रों के हाथ में किताबों की जगह झाड़ू दिखाई दे रही है।

हॉस्टल में टॉयलेट साफ करते मिले बच्चे

Student Viral Video मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला कवर्धा जिले के वनांचल के बोड़ला क्षेत्र स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास का है। यहां से सामने आए वीडियो ने शिक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।वीडियो में देखा जा सकता है कि हॉस्टल के टॉयलेट की सफाई कोई सफाईकर्मी नहीं बल्कि वहां रहने वाले छात्र कर रहे हैं।

अधीक्षक रहते हैं गायब

Student Viral Video वीडियो में छात्र टॉयलेट के साथ पूरे परिसर की भी सफाई कर रहे है। इस पूरे मामले में छात्रों ने बताया कि हॉस्टल का अधीक्षक अक्सर अनुपस्थित रहता है। मामले के सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस छात्रावास में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि छात्रावास के अधीक्षक जोहारी सिंह ध्रुवे अक्सर नदारद रहते हैं। रसोईया और बच्चों के अनुसार अधीक्षक सप्ताह में सिर्फ एक दिन औपचारिक रूप से हाजिरी लगाने आते हैं । इसके बाद छात्रावास की जिम्मेदारी पूरी तरह रसोईया के भरोसे छोड़ दी जाती है। भोजन से लेकर व्यवस्थाएं रसोईया ही संभाल रहा है। यह मामला न केवल आदिवासी बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल है।वहीं जिम्मेदार अधिकारी ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

 

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..