Korba News: बूंद-बूंद पानी के लिए तरसेगा पूरा शहर! छत्तीसगढ़ में रातों-रात गायब हो गई पूरी पुल, कबाड़ चोरों के आतंक से पानी सप्लाई पर मंडराया बड़ा खतरा, देखें IBC24 की ग्राउंड रिपोर्ट

Korba News: बूंद-बूंद पानी के लिए तरसेगा पूरा शहर! महज इतने ही दिन में गायब हो गई पूरी पुल, कबाड़ चोरों के आतंक से पानी सप्लाई पर मंडराया बड़ा खतरा, देखें IBC24 की ग्राउंड रिपोर्ट

Korba News: बूंद-बूंद पानी के लिए तरसेगा पूरा शहर! छत्तीसगढ़ में रातों-रात गायब हो गई पूरी पुल, कबाड़ चोरों के आतंक से पानी सप्लाई पर मंडराया बड़ा खतरा, देखें IBC24 की ग्राउंड रिपोर्ट

Korba Water Crisis News/Image Source: IBC24


Reported By: Abhishek Soni,
Modified Date: January 26, 2026 / 07:58 pm IST
Published Date: January 26, 2026 7:53 pm IST
HIGHLIGHTS
  • कबाड़ चोरों का आतंक
  • पानी की पाइपलाइन काट रहे चोर
  • सिस्टम कभी भी हो सकता है फेल

कोरबा: Korba News:  छत्तीसगढ़ के कोरबा में कबाड़ चोरों की करतूत अब सिर्फ चोरी तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे अब ऐसे स्ट्रक्चर को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जो शहर के लिए बेहद अहम हैं। ढेंगुरनाला के पास नगर निगम की जल आवर्धन योजना का एक महत्वपूर्ण स्ट्रक्चर कबाड़ चोरों के निशाने पर आ गया है। इसी स्ट्रक्चर के सहारे शहर की मेन वाटर पाइपलाइन गुजरती है। अगर यह ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ, तो पूरा कोरबा प्यासा रह सकता है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर मामले की जानकारी न तो पुलिस को थी और न ही महापौर को। आईबीसी 24 के खुलासे के बाद प्रशासन हरकत में आया है।

कोरबा की लाइफलाइन पर चोरों का हमला (Korba Scrap Theft)

Korba News:  आईबीसी 24 की टीम जब पुल चोरी की घटना पर रिपोर्टिंग कर रही थी, तभी स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ ही दूरी पर नगर निगम की जल आवर्धन योजना का लोहे का स्ट्रक्चर भी कबाड़ चोरों द्वारा काटा जा रहा है। टीम जब मौके पर पहुंची, तो पैदल रास्ते से ही वहां जाना पड़ा। मौके का नजारा चौंकाने वाला था। जिस लोहे के स्ट्रक्चर पर मेन पाइपलाइन टिकी हुई है, वहां से कई लोहे की प्लेटें गायब थीं और एंगल काटकर स्ट्रक्चर को कमजोर कर दिया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह ढांचा गिरा, तो कोरबा में जल संकट खड़ा हो जाएगा।

एक तरफ पूरा का पूरा पुल गायब हो जाता है और पुलिस को भनक तक नहीं लगती, वहीं दूसरी तरफ चालू जल आवर्धन योजना के स्ट्रक्चर पर भी कबाड़ चोर हाथ साफ कर रहे हैं। जब आईबीसी 24 ने इस मामले की जानकारी पुलिस को दी, तो पुलिस ने माना कि इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी। वहीं महापौर संजू सिंह राजपूत ने भी कहा कि उन्हें इस स्थिति की जानकारी नहीं थी और जल्द मरम्मत के निर्देश दिए जाएंगे। कबाड़ का यह कारोबार अब सार्वजनिक संपत्तियों के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो हालात और भी भयावह हो सकते हैं।

लोहे की चोरी या शहर की तबाही?  (Korba Illegal Scrap Business)

Korba News:  कोरबा में कबाड़ कारोबार को लेकर एक बड़ा सवाल अब आम हो चला है क्या यह सब पुलिस संरक्षण में हो रहा है? पुल चोरी के मामले का मास्टरमाइंड बताए जा रहे असलम की पुलिस से नजदीकियां स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस चाह ले, तो न कबाड़ चोरी हो और न ही इसकी तस्करी।

पुल चोरी के खुलासे के बाद कोरबा में चर्चा तेज है कि कबाड़ का यह अवैध धंधा कहीं न कहीं पुलिस की सांठगांठ से फल-फूल रहा है। अब तक पुलिस की कार्रवाई में सिर्फ छोटे-मोटे लोग ही पकड़े गए हैं, जबकि मुख्य आरोपी असलम और मुकेश साहू उर्फ बरबट्टी अब भी फरार हैं। पुलिस ने सिर्फ 1245 किलो स्क्रैप जब्त किया है, जबकि पुल का कुल वजन करीब 15 टन था। बाकी स्क्रैप पहले ही खपाया जा चुका है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इतना बड़ा खेल बिना संरक्षण के कैसे संभव हुआ।

कबाड़ माफिया के हौसले बुलंद (Korba Junk Mafia)

Korba News:  पुलिस भले ही दावा कर रही हो कि कोरबा में कबाड़ कारोबार बंद है, लेकिन हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। सार्वजनिक महत्व के ढांचे तक सुरक्षित नहीं हैं। पुलिस अभी तक न तो मुख्य सरगना तक पहुंच पाई है और न ही बाकी स्क्रैप बरामद कर सकी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने हालांकि पुलिस की सांठगांठ से इनकार करते हुए सख्त कार्रवाई का दावा किया है। सरगना फरार है, बड़ा हिस्सा गायब है और आरोप बेहद गंभीर हैं। अब देखना होगा कि पुलिस के दावे हकीकत में कब तक बदलते हैं। ऊर्जा नगरी कोरबा की पहचान के साथ कबाड़ चोरी का दाग भी वर्षों से जुड़ा रहा है। अब हालात और गंभीर हो गए हैं, क्योंकि संगठित अपराधी इस धंधे में नाबालिगों और कम उम्र के युवाओं को इस्तेमाल कर रहे हैं। नशे की लत लगाकर उनसे अपराध कराए जा रहे हैं और खुद मोटी कमाई की जा रही है।

कोरबा में उद्योग, कोयला खदान और कबाड़ चोरी का नेटवर्क कोई नया नहीं है। पहले कबाड़ी खुद चोरी करते थे, लेकिन अब तरीका बदल गया है। नाबालिगों और कम उम्र के युवाओं को लालच और नशे की गिरफ्त में लेकर अपराध कराया जा रहा है। स्थानीय जानकारों का कहना है कि यह संगठित अपराध का रूप ले चुका है और नाबालिगों के चलते पुलिस के हाथ भी बंधे रहते हैं। कबाड़ माफिया रेलवे पटरी तक उखाड़ चुके हैं। उद्योगों से लेकर प्रशासनिक ढांचे तक इनके निशाने पर हैं। पुलिस भी मान रही है कि अब यह संगठित अपराध बन चुका है, जिसमें नाबालिगों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस इसे रोकने के दावे कर रही है। नाबालिगों को नशे की लत लगाकर अपराध की दुनिया में धकेलना आने वाले समय में एक बड़ी सामाजिक समस्या बन सकता है। इस पर सख्त रोक बेहद जरूरी है।

यह भी पढ़ें


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।