माओवादी कमांडर पापा राव करेगा आत्मसमर्पण; छत्तीसगढ़ 31 मार्च तक नक्सलवाद से मुक्त होगा: शर्मा
माओवादी कमांडर पापा राव करेगा आत्मसमर्पण; छत्तीसगढ़ 31 मार्च तक नक्सलवाद से मुक्त होगा: शर्मा
कवर्धा (छत्तीसगढ़), 24 मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य में बचा आखिरी वरिष्ठ माओवादी कमांडर पापा राव मंगलवार को अपने दल के सदस्यों के साथ आत्मसमर्पण करेगा जो वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ राज्य की लड़ाई में एक अहम पड़ाव साबित होगा।
शर्मा ने कहा कि एक बार जब उसका आत्मसमर्पण हो जाएगा, तब ‘‘तकनीकी और स्पष्ट रूप से’’ यह कहा जा सकेगा कि उस स्तर का या उससे नीचे के स्तर का कोई भी नक्सली नेता अब राज्य के भीतर सक्रिय नहीं है।
राज्य के कबीरधाम जिले के मुख्यालय कवर्धा में मंगलवार को संवाददाताओं से शर्मा ने कहा कि माओवादियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) में सक्रिय राव बस्तर क्षेत्र में अपने दल के 12 से अधिक सदस्यों के साथ आत्मसमर्पण करेगा।
उन्होंने कहा कि इस समर्पण के साथ ही, राज्य में उस वरिष्ठ स्तर का कोई भी नक्सली नेता सक्रिय नहीं रहेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ 31 मार्च, 2026 की तय समयसीमा तक सशस्त्र नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा।
बस्तर संभाग और आसपास के राज्यों के कुछ हिस्सों में माओवादी गतिविधियों को अंजाम देने वाले डीकेएसजेडसी को इस प्रतिबंधित संगठन की सबसे मजबूत इकाई माना जाता था। पिछले दो दशकों में सुरक्षा बलों पर कई जानलेवा हमले करने में इसकी अहम भूमिका रही है।
गृह विभाग का प्रभार भी संभाल रहे शर्मा ने बताया कि माओवादियों के पार्टी और एरिया कमेटी स्तर के सदस्य अब छत्तीसगढ़ में सशस्त्र गतिविधियों में शामिल नहीं हैं और उनमें से ज्यादातर लोग अब सामान्य जीवन बिताने लगे हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने अपने हथियार डाल दिए हैं और अपनी वर्दी उतार दी है।’’
शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ से जुड़े कुछ ही नाम अब सक्रिय बचे हैं, और वे भी फिलहाल गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) या तेलंगाना में सक्रिय हैं।
उन्होंने कहा कि वहां भी उनके आत्मसमर्पण की प्रक्रिया को आसान बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि पापा राव लगभग 25 वर्षों से जंगलों में सक्रिय था और कई बार सुरक्षा बलों के साथ उसकी मुठभेड़ हुई, लेकिन हर बार वह बच निकला। राज्य सरकार ने उस पर 25 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है।
शर्मा ने कहा, ‘‘उसकी (राव की) सोच अब बदल गई है। मैंने खुद उससे बात की है, और यह साफ है कि वह पुनर्वास करने के लिए तैयार है।’’
उन्होंने कहा कि राज्य में पुनर्वास प्रयासों के तहत, आने वाले सप्ताह में और भी नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने की संभावना है।
शर्मा ने कहा, ‘‘इस (राव के) पुनर्वास के साथ, छत्तीसगढ़ के इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी असल में खत्म हो जाएगी। 31 मार्च तक छत्तीसगढ़ सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा।’’
राव पिछले दो दशकों में दक्षिण बस्तर में सुरक्षा बलों पर हुए कई जानलेवा हमलों का मुख्यसाजिशकर्ता रहा है जिसने 2010 में हुए ताड़मेटला हमले (तब दंतेवाड़ा और अब सुकमा जिले में) की भी साजिश रची थी।
इस हमले में 76 जवान मारे गए थे।
भाषा सं संजीव खारी
खारी

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