Reported By: Rajesh Raj
,रायपुरः Nava Raipur Health Facility: एक ओर जहां नवा रायपुर को विश्वस्तरीय और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ये शहर कई मायनों में अपनी बदहाली पर आंसू भी बहा रहा है। नवा रायपुर में बना 100 बिस्तर अस्पताल इन दिनों डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। हालात ऐसे हैं कि रात होते ही अस्पताल पर ताला लग जाता है। मरीजों को इलाज के अन्य जगहों की ओर रुख करना पड़ता है।
Nava Raipur Health Facility: दरअसल, नवा रायपुर इलाके में रह रहे लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 100 बिस्तर अस्पताल बनवाया गया था, लेकिन अब इस अस्पताल में सुविधाओं का अभाव देखने को मिल रहा है। पिछले करीब चार महीनों से रात के समय बंद हो जा रहा है। डॉक्टरों की कमी के चलते रात 8 बजे के बाद मरीजों का इलाज नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में यदि किसी की तबीयत रात में बिगड़ जाए तो उनके पास इलाज के लिए रायपुर जाने के अलावा लोगों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को हो रही है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि यह 100 बिस्तर अस्पताल केवल कागजों में ही चल रहा है। अस्पताल में महज 10 बेड ही उपयोग में हैं। जहां उनका इलाज चल रहा है, वहां सैकड़ों कार्टून सामान डंप है। इसके अलावा महिला वार्ड के एक हिस्से को स्टोर रूम बना दिया गया है। बताया जा रहा है कि पहले संचालित होने वाला ऑपरेशन थिएटर भी बंद पड़ा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस नवा रायपुर में मंत्रालय, विभागाध्यक्षों (HOD) के कार्यालय, मंत्री, मुख्यमंत्री और सीनियर अधिकारियों के आवास मौजूद हैं, वहां 24 घंटे संचालित सरकारी अस्पताल की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
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