बीजापुर: CG Naxal News छत्तीसगढ़ में एक ओर सरकार माओवादियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चला रही है, तो दूसरी ओर नक्सलियों की हिंसक घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में करेगुट्टा ऑपरेशन से जहां माओवादियों की कमर तोड़ने की बात सामने आई, वहीं अब उसूर क्षेत्र से दिल दहला देने वाली खबर आई है।
CG Naxal News मिली जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों ने बीती रात पांच लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतकों में एक कांग्रेस कार्यकर्ता, दो रसोइया, एक शिक्षादूत, और एक अन्य ग्रामीण शामिल हैं।
घटना उसूर थाना क्षेत्र के मारुड़बाका के लिंगापुर गांव की है, जहां कांग्रेस कार्यकर्ता नागा भंडारी की नक्सलियों ने धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले नागा के भाई की भी नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। इस वारदात ने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है।
इसी क्षेत्र के मीनागट्टा और कंचाल गांव में नक्सलियों ने रसोइया मडकम और करतम कोसा की भी हत्या कर दी। ये दोनों स्थानीय स्कूलों में रसोइये का काम करते थे। इनके अलावा एक शिक्षादूत और एक ग्रामीण को भी नक्सलियों ने निशाना बनाया है।
करेगुट्टा ऑपरेशन क्या है और इसका उद्देश्य क्या था?
करेगुट्टा ऑपरेशन छत्तीसगढ़ में माओवादियों के गढ़ में चलाया गया एक बड़ा सुरक्षाबलों का अभियान था, जिसका उद्देश्य नक्सली ठिकानों को खत्म करना और क्षेत्र में शांति बहाल करना था।
नक्सलियों ने किन लोगों को मारा और क्यों?
नक्सलियों ने एक कांग्रेस कार्यकर्ता, दो स्कूल रसोइयों, एक शिक्षादूत और एक ग्रामीण की हत्या की। कारणों में माओवादी विचारधारा का विरोध और संदिग्ध सरकारी सहयोगी होना शामिल हो सकता है।
क्या करेगुट्टा ऑपरेशन के बावजूद नक्सली गतिविधियां जारी हैं?
करेगुट्टा ऑपरेशन के बाद भी कुछ इलाकों में नक्सली घटनाएं देखी गई हैं, जो बताती हैं कि नक्सलियों की पकड़ पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।