‘धर्मांतरण’… छत्तीसगढ़ में बार-बार क्यों उठा रहा ये का मुद्दा, कौन कर रहा है शांत फिजा को अशांत?

'धर्मांतरण'... छत्तीसगढ़ में बार-बार क्यों उठा रहा ये का मुद्दाः Now action under Rasuka on those who disturb communal harmony in state

‘धर्मांतरण’… छत्तीसगढ़ में बार-बार क्यों उठा रहा ये का मुद्दा, कौन कर रहा है शांत फिजा को अशांत?
Modified Date: January 11, 2023 / 11:53 pm IST
Published Date: January 11, 2023 11:53 pm IST

रायपुरः छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का मुद्दा गर्माता जा रहा है। प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर अब रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। राज्य सरकार के अनुसार उसे ऐसे इनपुट मिले हैं, कि बस्तर में धर्मांतरण के नाम पर जो हिंसा भड़की है, वह साजिश के तहत की गई थी। इसके साथ ही कांग्रेस ने बीजेपी पर सवालों की बौछार की है।

Read More : मुस्लिमों के साथ ‘संघ’… MP में क्यों ‘जंग’? मुसलमानों पर संघ प्रमुख के बयान से किसे फायदा? 

छत्तीसगढ़ के बस्तर से उठी धर्मांतरण की आंच राजधानी रायपुर तक महसूस की जा रही है। एक ओर बीजेपी कांग्रेस पर धर्मांतरण को बढ़ावा देने का आरोप लगा रही है, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने बीजेपी पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप मढ़ दिया।बीजेपी के नेता इस मुद्दे पर पहले से ही मुखर हैं और हर कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं।

Read More : शादीशुदा महिला को चढ़ा इश्क का बुखार, पति और 3 बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ हुई फरार, फिर हुआ ऐसा कि…

बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस ने भी करारा जवाब दिया है। सीएम भूपेश बघेल ने पूछा कि केंद्र में बीजेपी बहुमत में है फिर भी इस पर कानून क्यों नहीं ला रही है। इस बीच छत्तीसगढ़ में गजट का प्रकाशन किया गया है, जिसके तहत सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर अब रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।

Read More : National Youth Day 12 January 2023 : हेल्थ का सुपरमैन, बच्चों की बीमारी और अस्पताल के बीच की कड़ी कैसे बना यह ‘युवा’, पढ़िए सिर्फ IBC 24 पर…

इस साल छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने हैं लिहाजा, ये एक बड़ा सियासी मुद्दा बन गया है। राजनीतिक चाणक्यों की मानें तो धर्मांतरण का मुद्दा धर्म से ज्यादा सियासत से जुड़ा है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टी के नेता धर्मांतरण के मुद्दे पर अपना वोट बैंक मजबूत करने की कोशिश में हैं। लेकिन उनकी ये कवायद क्या रंग लाएगी ये तो वक्त ही बताएगा।


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।