छत्तीसगढ़ के बरनवापारा अभयारण्य में हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत

छत्तीसगढ़ के बरनवापारा अभयारण्य में हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत

छत्तीसगढ़ के बरनवापारा अभयारण्य में हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत
Modified Date: May 25, 2026 / 12:36 pm IST
Published Date: May 25, 2026 12:36 pm IST

रायपुर, 25 मई (भाषा) छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित बरनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में एक जंगली हाथी ने 55 वर्षीय एक व्यक्ति को कुचलकर मार डाला। इस घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के गांवों को सतर्क कर दिया है।

बलौदाबाजार के वन मंडल अधिकारी धम्मशील गणवीर ने बताया कि यह घटना रविवार रात लगभग नौ बजे अभयारण्य क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ‘दोद’ गांव में हुई।

गणवीर ने बताया कि ग्रामीण जहरू राम नेताम जब रविवार रात अपने खेत की रखवाली कर रहा था तब जंगली हाथी ने कुचलकर उसकी जान ले ली।

अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के दल को मौके के लिए रवाना किया गया तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

उन्होंने बताया कि मृतक के परिवार को तत्काल सहायता के तौर पर 25 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है, जबकि शेष 5.75 लाख रुपये का मुआवजा आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दिया जाएगा।

गणवीर ने ग्रामीणों से अपील की कि वे सतर्क रहें और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों का पालन करें।

अधिकारियों ने बताया कि रविवार को हाथी ‘दोंद’ क्षेत्र में प्रवेश कर गया था, जिसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों, ‘हाथी मित्र दल’ के सदस्यों और ग्रामीणों ने मिलकर हाथी को ट्रैक करने और उसे आबादी वाले क्षेत्र से दूर भगाने के लिए संयुक्त प्रयास किए।

बाद में हाथी खेतों वाले इलाकों से होते हुए जंगल और पहाड़ी क्षेत्र की ओर चला गया। वन विभाग की टीमें उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं।

उन्होंने बताया कि हाथी की संभावित आवाजाही को देखते हुए, वन विभाग ने आसपास के गांवों जैसे मुड़पार, दोंद, सुरबाय, पांडादाह, गुढ़ागढ़, भिभौरी, बफरा, बार, हरदी तथा अन्य गांवों के साथ-साथ उनसे सटे इलाकों में भी ‘हाई अलर्ट’ जारी कर दिया है।

ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे अकेले जंगल, खेतों या पहाड़ी इलाकों में न जाएं।

राज्य के उत्तरी हिस्से में पिछले एक दशक से मानव-हाथी संघर्ष एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है, जबकि पिछले कुछ वर्षों में मध्य क्षेत्र के कुछ जिलों में भी इस समस्या का दायरा और अधिक बढ़ गया है।

जिन जिलों में मुख्य रूप से इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, उनमें सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, जशपुर और बलरामपुर शामिल हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में राज्य में हाथियों के हमलों में 325 से अधिक लोगों की मौत हुई है।

भाषा संजीव मनीषा

मनीषा


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