Tomar Brothers Case: ‘अपराधियों का साथ दे रहे राज शेखावत’… करणी सेना अध्यक्ष पर भड़के तोमर बंधुओं से पीड़ित लोग, IBC24 पर कह दी ये बड़ी बात

'अपराधियों का साथ दे रहे राज शेखावत'... करणी सेना अध्यक्ष पर भड़के तोमर बंधुओं से पीड़ित लोग, People affected by the Tomar brothers are furious at the Karni Sena president

Tomar Brothers Case: ‘अपराधियों का साथ दे रहे राज शेखावत’… करणी सेना अध्यक्ष पर भड़के तोमर बंधुओं से पीड़ित लोग, IBC24 पर कह दी ये बड़ी बात
Modified Date: November 21, 2025 / 12:12 am IST
Published Date: November 20, 2025 11:29 pm IST

रायपुरः Tomar Brothers Case: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर IBC24 की खबर का बड़ा असर हुआ है। IBC24 में खबर दिखाए जाने के बाद अब तोमर बंधुओं की हरकतों से परेशान पीड़ित सामने आने लगे हैं। पीड़ितों का कहना है कि तोमर बंधु सूदखोरी, हत्या, बलात्कार समेत 28 से अधिक आपराधिक मामलों में आरोपी हैं। इसके बाद करणी सेना अध्यक्ष राज शेखावत और उसके सदस्य इन अपराधियों का समर्थन कर रहे हैं।

Tomar Brothers Case: पीड़ित लोगों का कहना है कि वीरेंद्र और रोहित तोमर ने गरीबों से अत्यधिक ब्याज वसूला है। 2 लाख रुपए के बदले 28 लाख और 8 लाख रुपए के बदले 55 लाख रुपए तक दोनों ने पैसे लिए। इसके अलावा महिलाओं के गहने और गरीबों की जमीन भी उनके द्वारा हड़पी गई। राज शेखावत और करणी सेना के सदस्य पीड़ितों से मुलाकात करें और तोमर बंधुओं द्वारा हड़पी गई राशि वापस कराए।

 कौन है वीरेंद्र तोमर

वीरेंद्र तोमर पर रंगदारी, सूदखोरी, धमकी और आर्म्स एक्ट के कई केस दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि वह जरूरतमंद लोगों को ऊंचे ब्याज पर पैसे देता था और फिर रकम न लौटाने पर धमकी और मारपीट करता था। तेलीबांधा और पुरानी बस्ती थाने में उसके खिलाफ दर्ज केसों के बाद वह महीनों से फरार चल रहा था। तोमर को पकड़ने के लिए पुलिस टीम एमपी, यूपी और हरियाणा तक भेजी गई थी। कई हफ्तों की मोबाइल ट्रैकिंग और टॉवर डंप विश्लेषण के बाद आखिरकार ग्वालियर में उसे घेराबंदी कर पकड़ा गया।

 


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।