रायपुरः Raipur Budget 2026: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने सोमवार को रायपुर नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2026- 2027 का बजट प्रस्तुत किया। इस साल का बजट लगभग 2130 करोड़ रुपए का है। बजट के लिए आयोजित सामान्य सभा में अलग-अलग 17 एजेंड़ों पर भी चर्चा हुई। सामान्य सभा का शुरुवाती एक घंटा हंगामे के भेंट चढ़ गया। विपक्षी पार्षद महापौर पर वादाखिलाफी और विफलता का आरोप लगाते हुए आसंदी के सामने धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। विपक्ष के विरोध में भाजपा पार्षद भी नारेबाजी करते हुए सामने आ गए है और कांग्रेस को विकास विरोधी बताकर नारेबाजी करने लगे। सभापति ने कुछ देर के लिए सभा स्थगित कर दी, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
Raipur Budget 2026: महापौर ने बजट में शहर के विकास से जुड़े कई बड़े प्रावधान किए हैं। इसके तहत 3 करोड़ रुपए की लागत से बड़े नालों का निर्माण प्रस्तावित है। कामकाजी महिलाओं के लिए 48 करोड़ रुपए की लागत से तीन स्थानों पर वर्किंग वूमेन हॉस्टल बनाए जाएंगे। इसके अलावा म्युनिसिपल बॉन्ड के अंतर्गत 67 करोड़ रुपए की लागत से कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। इसी तरह 39 करोड़ रुपए की लागत से दो ट्रेड सेंटर कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे, जबकि हाउसिंग बोर्ड के 1374 जर्जर मकानों के जीर्णोद्धार के लिए 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। शहर में विभिन्न सड़कों के चौड़ीकरण के लिए भी बजट में राशि तय की गई है, जिसमें आमापारा से हिंद स्पोर्ट्स रोड, मानवास रियलिटी से महादेव घाट मार्ग, और वीआईपी रोड तक के मार्ग शामिल हैं। बजट में 5 करोड़ 80 लाख रुपए की लागत से दलदल सिवनी में लाइब्रेरी निर्माण और 1139 करोड़ रुपए की लागत से नालंदा परिसर के सामने एक बड़े लाइब्रेरी प्रोजेक्ट का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा तालाबों के सौंदर्यीकरण, पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ करने और 37 करोड़ रुपए की लागत से नए फिल्टर प्लांट के निर्माण की भी योजना शामिल है।
नगर निगम के बजट को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। महापौर मीनल चौबे ने इसे सभी वर्गों और शहर के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया बजट बताया, जबकि नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने इसे “कॉपी-पेस्ट” करार देते हुए आरोप लगाया कि इसमें अधिकांश प्रस्ताव पिछले बजट से ही दोहराए गए हैं। महापौर का कहना है कि बजट में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसमें नाली और सड़क निर्माण के दर्जनों कार्य शामिल हैं। वहीं विपक्ष का आरोप है कि कई पुराने कार्यों को फिर से शामिल कर बजट को बड़ा दिखाने की कोशिश की गई है।
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