लखनऊः Yogi Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश में योगी कैबिनेट का दूसरी बार विस्तार रविवार को किया गया। लखनऊ स्थित जनभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कुल 6 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, जबकि 2 नेताओं को प्रमोशन देकर नई जिम्मेदारी सौंपी गई। मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही भाजपा के भीतर असंतोष के सुर भी तेज हो गए हैं। आशा मौर्य और बृजभूषण शरण सिंह के तीखे तेवर देखने को मिले। सीतापुर के महमूदाबाद से विधायक आशा मौर्य का नाम आखिरी वक्त तक चर्चा में था, लेकिन सूची से बाहर होने पर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना दर्द शेयर किया। चलिए जानते हैं कि आखिर किसने क्या-कहा?
Yogi Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश में कैबिनेट विस्तार के साथ कई तरह की चर्चाएं तेज है। इस कैबिनेट विस्तार से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह भी विस्तार से नाखुश दिखे। माना जा रहा था कि वे अपने बेटे प्रतीक भूषण के लिए मंत्री पद चाहते थे। किसी ठाकुर चेहरे को जगह न मिलने पर उन्होंने ‘X’ पर शायराना अंदाज में निशाना साधा कि “शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है, जिस शाख पर बैठे हो वह टूट भी सकती है।” वहीं सीतापुर के महमूदाबाद से विधायक आशा मौर्य का नाम आखिरी वक्त तक चर्चा में था, लेकिन सूची से बाहर होने पर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना दर्द शेयर किया और लिखा, “लगता है पार्टी को अब मौर्य समाज की आवश्यकता नहीं रह गई और बाहर से आए दलबदलुओं को प्राथमिकता दी गई है। विधायक अपने समाज और सम्मान की लड़ाई लड़ती रहेगी।”
योगी सरकार के आखिरी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सभी 60 मंत्री पद भर चुके हैं अब सवर्ण मंत्रियों की संख्या 22 है। ओबीसी मंत्रियों की संख्या 25 है, दलित मंत्रियों की संख्या 11 है, 1 मुसलमान और 1 सिख मंत्री भी है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सदस्य हैं। 91वें संशोधन अधिनियम 2003 के अनुसार, मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की अधिकतम संख्या कुल सदस्यों की संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। इसलिए उत्तर प्रदेश में कुल 60 मंत्री हो सकते हैं। इस विस्तार से पहले, 54 मंत्री थे, जिससे छह पद खाली थे।