शह मात The Big Debate: ओवर रेट.. नगद सेल.. सवालों में शराब का खेल! ओवररेटिंग से सालाना 1500 करोड़ की कमाई का दावा, क्या बिना संरक्षण के मुमकिन है ओवर रेटिंग?

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Liquor Sale Controversy: रायपुर में सरकार की ओर से तय रेट से ज्यादा पर बिक रही है। हर बोतल पर 10-20 रुपये अतिरिक्त वसूली का दावा।

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  • Publish Date - June 10, 2026 / 11:49 PM IST,
    Updated On - June 11, 2026 / 12:00 AM IST

Liquor Sale Controversy/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • रायपुर में सरकार की ओर से तय रेट से ज्यादा पर बिक रही है।
  • हर बोतल पर 10-20 रुपये अतिरिक्त वसूली का दावा।
  • सालाना 1500 करोड़ रुपये तक की ओवररेटिंग का अनुमान।

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साफ है, धड़ल्ले से सरकार की ओर से तय रेट से ज्यादा पर बिक रही शराब वो भी राजधानी में जब इस बारे में प्रदेश के जिम्मेदार अफसरों से सवाल पूछा। आबकारी विभाग के आंकड़े के मुताबिक, बीते साल 1 अप्रैल 25 से 31 मार्च 2026 के बीच हर दिन, औसतन – स्प्रिट की 7.21 लाख बोटल , माल्ट की 1.98 लाख बॉटल, मसाला की 7.66 लाख बॉटल और प्लेन की 11.80 लाख बॉटल बिक्री हुई। (Liquor Sale Controversy) यानि हर दिन कुल 28 लाख 65 हजार शराब बॉटल की खपत हुई। हर बॉटल पर औसतन 15 रुपये ओवररेट के हिसाब से, एक दिन की अवैध कमाई 4.30 करोड़ होती है, कुल सरकारी बिक्री का 11 फीसदी से ज्यादा ओवररेट बिक्री का दावा है, यानि हर महीने 129 करोड़ रुपये और सालाना 1500 करोड़ से ज्यादा की अवैध कमाई अकेले ओवररेट से होती है।

Liquor Sale Controversy: सवाल यही है कि क्या बिना शह और संरक्षण के ये मुमकिन है?

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