HIGHLIGHTS
- रायपुर में फर्जी माइनिंग अफसर और पत्रकार बनकर वसूली करने वाले गैंग का पर्दाफाश।
- गैंग में शामिल आरोपी मां-बेटे और एक आर्मी जवान।
- पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बाकी आरोपियों की तलाश शुरू की।
रायपुर: Raipur News: राजधानी रायपुर के अभनपुर थाना पुलिस ने फर्जी माइनिंग अफसर और पत्रकार बनकर वसूली करने वाले गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक महिला भी शामिल है। ये लोग रेत से भरे हाइवा वाहनों को रोककर ओवरलोड बताते थे। इसके बाद ऑनलाइन चालान करने का भय दिखाकर 15-15 हजार वसूल लेते थे। बताया जा रहा है कि इसमें और आरोपी शामिल है, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
Read More : जांजगीर प्रकाश फैक्ट्री में झुलसे 12 मजदूर, बॉयलर की भट्टी जाम होने पर हुआ बड़ा हादसा
Raipur News: मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला अभनपुर थाना इलाके का है। गिरोह में शामिल प्रणव साहू नाम का शख्स खुद को सेंट्रल माइनिंग अधिकारी बताता था। महिला तिलका साहू को पत्रकार बताती थी। वहीं इस गिरोह में आर्मी की पूना स्थित इंजीनियरिंग विंग में नायक के पद पर पदस्थ आशीष प्रताप भी शामिल है। ये लोग रेत, गिट्टी से भरी हाइवा वाहन को रोककर पहले तो ओवरलोड बताते थे। फिर ऑनलाइन चालान करने का भय दिखाकर 15-15 हजार रुपए अवैध वसूलते थे। बताया जा रहा है कि तिलका साहू और प्रणव साहू रिश्ते में मां और बेटा हैं। पुलिस तीनों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। गैंग के दो से तीन आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
Read More : LSG vs GT Highlights: गुजरात टाइटन्स के विजयी रथ पर लखनऊ ने लगाई रोक, 6 विकेट से मात देकर हासिल की सीजन की चौथी जीत
रायपुर में महिला और बेटे का गैंग किस तरह की वसूली करता था?
यह गैंग खुद को फर्जी माइनिंग अफसर और पत्रकार बताकर रेत से भरे हाइवा वाहनों को रोकता था और ओवरलोड होने का आरोप लगाकर ऑनलाइन चालान का डर दिखाकर 15-15 हजार रुपये वसूलता था।
गैंग के सदस्य कौन थे?
इस गैंग में तीन मुख्य आरोपी थे: प्रणव साहू, जो खुद को सेंट्रल माइनिंग अधिकारी बताता था; तिलका साहू, जो खुद को पत्रकार बताती थी; और आशीष प्रताप, जो आर्मी के नायक के पद पर कार्यरत था।
पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने तीन आरोपियों, प्रणव साहू, तिलका साहू, और आशीष प्रताप को गिरफ्तार किया है। हालांकि, गैंग के दो से तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
इस गिरोह का तरीका क्या था?
गिरोह के सदस्य रेत और गिट्टी से भरे हाइवा वाहनों को ओवरलोड बता कर चालान का डर दिखाते थे और इसके बदले में बड़ी रकम वसूल करते थे।
पुलिस अब क्या कदम उठा रही है?
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।