MP Budget Session 2026: ‘राज्यपाल के अभिभाषण में दिखाई दिए सरकारी जुमले’, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बजट सत्र को लेकर उठाए सवाल

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MP Budget Session 2026: एमपी विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण के साथ हुई। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान जमकर हंगामा हुआ।

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  • Publish Date - February 16, 2026 / 05:51 PM IST,
    Updated On - February 16, 2026 / 05:52 PM IST

MP Budget Session 2026/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • एमपी विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण के साथ हुई।
  • राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान जमकर हंगामा हुआ।
  • नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

MP Budget Session 2026: भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज यानी 16 फरवरी से शुरू हो चुका है, जो 6 मार्च तक चलेगा। इस बार का सत्र कई मायनों में खास रहने वाला है। वहीं 18 फरवरी को प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा वर्ष 2026-27 का बजट सदन में पेश करेंगे। इस बार का बजट पूरी तरह पेपरलेस होगा और (MP Budget Session 2026) इसे डिजिटल माध्यम से सदन में पेश किया जाएगा। सत्र के दौरान कुल 12 बैठकें होंगी। सत्र में कुल 3478 प्रश्नों के नोटिस, इनमें 1750 तारांकित और 1728 अतारांकित प्रश्न, 236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 10 स्थगन प्रस्ताव 41 निजी प्रस्ताव और 83 शून्यकाल सूचनाएं भी सदन में प्रस्तुत की जाएंगी। यह मध्य प्रदेश की 16वीं विधानसभा का 9वां सत्र है।

राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हुआ हंगामा

MP Budget Session 2026: मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल मंगू भाई पटेल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भागीरथपुरा का मामला उठाया। उमंग सिंघार ने अभिभाषण में दूषित पानी समेत कई मुद्दों को नहीं शामिल करने का आरोप लगाया। विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यपाल का (MP Budget Session 2026)  अभिभाषण पूरा हुआ।

उमंग सिंघार ने लगाए आरोप

MP Budget Session 2026: उमंग सिंघार ने आगे कहा कि, राज्यपाल का अभिभाषण सरकार का आईना होता है, लेकिन आज उसमें सच्चाई नहीं, (MP Budget Session 2026)  केवल सरकारी जुमले दिखाई दिए। प्रदेश में स्वच्छ पानी के दावे किए गए, जबकि इंदौर के भागीरथपुरा जैसी घटनाएँ हकीकत उजागर करती हैं। किसानों की समस्याएँ, जनता की पीड़ा और जमीनी मुद्दे अभिभाषण से गायब रहे। घोषणाएँ कुछ और, वास्तविकता कुछ और यही इस सरकार की पहचान बन गई है।

सरकार ने जो भारी कर्ज लिया है, वह जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है, किसी मंत्री या मुख्यमंत्री की (MP Budget Session 2026)  निजी संपत्ति नहीं। यह कर्ज कहाँ खर्च हुआ, किसे लाभ मिला इसका जवाब सरकार को देना ही होगा। कांग्रेस पार्टी प्रदेश के हर नागरिक की आवाज़ सदन से सड़क तक उठाएगी और बजट से पहले कर्ज व वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र लाने की मांग करती है।

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