Amit Shah Statement Naxalism Raipur || Image- Newsonair file
रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को पूर्ववर्ती भूपेश बघेल की सरकार में प्रश्रय मिलने वाले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान पर कांग्रेस भड़क उठी है। (Amit Shah Statement Naxalism) कांग्रेस के तरफ से पूर्व मंत्री और दिग्गज नेता शिवकुमार डहरिया ने पलटवार किया है।
शिव डहरिया उन्होंने अमित शाह के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में माओवाद पर प्रभावी अंकुश लगाया गया था, जबकि भाजपा के कार्यकाल में माओवाद चरम पर था।
शिव डहरिया ने कहा कि झीरम घाटी समेत माओवाद से जुड़ी सभी बड़ी घटनाएं भाजपा शासनकाल में हुई थीं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने बस्तर क्षेत्र के आदिवासियों को रोजगार उपलब्ध कराया और उन्हें जल, जंगल और जमीन का अधिकार दिलाया। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने माओवाद को समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास किए, जिसका परिणाम है कि आज भाजपा सरकार को इस दिशा में सफलता मिल रही है।
दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन करते हुए भाजपा नेता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि भूपेश सरकार के 5 साल के कार्यकाल में नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में कोई काम नहीं किया था। 2018 के चुनाव में कांग्रेस कहा था कि हम नक्सल नीति बनाएंगे लेकिन नक्सल नीति नहीं बन पाई। जब उनकी सरकार आई तो नक्सलियों ने कहा कि अब हमारी सरकार आ गई है। ये सब इस बात का संकेत है कि भूपेश की सरकार में नक्सलवाद को प्रश्रय मिला।
भाजपा नेता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि नक्सली जैसे मुद्दों पर भूपेश सरकार को दलगत राजनीति से हटकर सोचना था मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया। नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए इसमें आने वाली हर रुकावट को हम खत्म करेंगे।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को रायपुर में ‘ऑर्गेनाइजर’ द्वारा आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मौजूद थे। कार्यक्रम में संबोधन के दौरान उन्होंने माओवाद और विकास के मुद्दे पर अपनी बात रखी। (Amit Shah Statement Naxalism) अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने पूर्ववर्ती भूपेश सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि 31 मार्च 2026 तक देश से सशस्त्र नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा।
अमित शाह ने माओवाद और पिछड़ेपन के बीच के पुराने तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं नहीं मानता कि विकास की कमी के कारण माओवाद पनपता है। यह एक भ्रामक विचारधारा है।” उन्होंने आंकड़ों के विशेषज्ञों को चुनौती देते हुए कहा कि तुलना की जानी चाहिए कि किसके शासन में अधिक विकास हुआ। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में 30 गुना और प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला करते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने हमेशा माओवाद को ‘प्रश्रय’ दिया, जिसके कारण छत्तीसगढ़ को हिंसा का लंबा दौर देखना पड़ा। उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस ने तेलंगाना जैसे राज्यों के गठन में विवाद और वितंडा खड़ा किया, वहीं भाजपा ने तीन नए राज्य बनाए और कहीं कोई झगड़ा नहीं हुआ, जो दर्शाता है कि जनता का अटूट भरोसा भाजपा पर है।
संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने हिंसा के रास्ते पर गए लोगों, विशेषकर महिला नक्सलियों से हाथ जोड़कर प्रार्थना की: हम किसी पर गोली नहीं चलाना चाहते। (Amit Shah Statement Naxalism) आप बंदूक छोड़ दीजिए, हम लाल कालीन बिछाकर आपका स्वागत करेंगे। मुख्यधारा में लौटिए, अपना भविष्य उज्ज्वल बनाइए।”
बस्तर के भविष्य पर चर्चा करते हुए शाह ने कहा कि यदि नक्सलवाद का साया न होता, तो आज बस्तर देश का सबसे विकसित क्षेत्र होता। उन्होंने संकल्प जताया कि अगले 10 वर्षों में बस्तर देश का सबसे अग्रणी और विकसित जिला बनकर उभरेगा। उन्होंने संघ (RSS) के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि भारत की इस विकास यात्रा में संघ का बड़ा योगदान है जिसे कोई इतिहासकार नकार नहीं सकता।
Raipur, Chhattisgarh: Union Home Minister Amit Shah says, “During Atalji’s tenure, three states were created through division: Jharkhand, Uttarakhand, and Chhattisgarh. During Dr. Manmohan Singh’s tenure, one state was divided into two: Andhra Pradesh and Telangana. In both… pic.twitter.com/r2mLMcykAy
— IANS (@ians_india) February 8, 2026
Raipur, Chhattisgarh: Union Home Minister Amit Shah says, “Many people consider governance to be only an administrative process, but I have an example for them. In the past three decades, there are two examples: one during the tenure of the BJP-led NDA government under Prime… pic.twitter.com/0dS15o8nwS
— IANS (@ians_india) February 8, 2026