FIR Against Fake Lawyers in Uttar Pradesh || Image- Live Law File
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रयागराज में फर्जी और जाली शैक्षणिक डिग्री के आधार पर वकालत में रजिस्ट्रेशन कराने वाले अधिवक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। तीन दिनों के भीतर सिविल लाइंस थाने में 39 FIR दर्ज की जा चुकी हैं। (FIR Against Fake Lawyers in Uttar Pradesh) यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को 105 ऐसे अधिवक्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज कराने के हाईकोर्ट के निर्देश के बाद शुरू हुई है, जिनकी कानून और शैक्षणिक डिग्रियां सत्यापन के दौरान फर्जी पाई गई थीं।
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शुक्रवार को चायल, कौशांबी निवासी अमर सिंह के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई। पुलिस के मुताबिक उन्होंने वर्ष 1989 में रोल नंबर 8046 के साथ पंजीकरण कराया था। सत्यापन के दौरान उनकी LLB डिग्री संदिग्ध पाई गई, जिसे जांच के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय भेजा गया था। विश्वविद्यालय की ओर से डिग्री को फर्जी बताए जाने के बाद मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार, 105 लोगों के खिलाफ अलग-अलग FIR दर्ज की जाएगी। इनमें फर्जी LLB, स्नातक और हाईस्कूल प्रमाणपत्र के आधार पर पंजीकरण कराने के आरोप शामिल हैं। (FIR Against Fake Lawyers in Uttar Pradesh) बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में इन 105 मामलों की सूची पुलिस को उपलब्ध कराई है।
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प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई होगी। सत्यापन के दौरान इलाहाबाद विश्वविद्यालय समेत कई प्रतिष्ठित संस्थानों के नाम पर कथित तौर पर फर्जी या छेड़छाड़ किए गए प्रमाणपत्र भी सामने आए हैं।
प्रयागराज में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की शिकायत पर पुलिस ने फर्जी एलएलबी मार्कशीट के आधार पर नामांकन कराने और सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस लेने के आरोप में 105 वकीलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, जिनमें पिछले तीन दिनों में 39 लोगों पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुई हैं pic.twitter.com/ba8HSsnclE
— ragini (@Raginiyadav5438) August 11, 2026
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