Passenger Train Delays in Chhattisgarh: त्यौहारों में भी नहीं सुधर रही ट्रेनों की बिगड़ी चाल.. 50% ही रह गई है गाड़ियों की पंक्चुअलिटी, परेशान हैं हर यात्री

ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी से यात्रियों का कहना है कि रेलवे को मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के परिचालन के बीच बेहतर संतुलन बनाना चाहिए। यात्रियों के मुताबिक, ट्रेनें देर से चलने के कारण नौकरी, परीक्षा, इलाज और अन्य जरूरी कामों के लिए सफर करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

Passenger Train Delays in Chhattisgarh: त्यौहारों में भी नहीं सुधर रही ट्रेनों की बिगड़ी चाल.. 50% ही रह गई है गाड़ियों की पंक्चुअलिटी, परेशान हैं हर यात्री

Passenger Train Delays in Chhattisgarh || Image- AI Generated File


Reported By: Star Jain,
Modified Date: September 28, 2026 / 11:33 pm IST
Published Date: September 28, 2026 11:30 pm IST
HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ में ट्रेनें घंटों की देरी से चल रहीं
  • बिलासपुर जोन में पंक्चुअलिटी 50 फीसदी
  • मालगाड़ियों के दबाव का रेलवे ने दिया हवाला

Passenger Train Delays in Chhattisgarh: रायपुर: छत्तीसगढ़ में ट्रेनों की लेटलतीफी ने रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रदेश से गुजरने वाली कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। इसके चलते रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। हाल के दिनों में भारी बारिश के कारण भी रेल परिचालन प्रभावित हुआ है और कई ट्रेनों के एक से तीन घंटे तक देरी से चलने की रिपोर्ट सामने आई है।

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यात्रियों का कहना है कि निर्धारित समय पर स्टेशन पहुंचने के बावजूद ट्रेनें घंटों देर से पहुंच रही हैं। इससे यात्रियों का पूरा शेड्यूल बिगड़ रहा है। खासकर त्योहारों के सीजन से पहले बढ़ी लेटलतीफी को लेकर यात्रियों में नाराजगी देखी जा रही है।

क्षमता से अधिक ट्रेनों के संचालन का हवाला

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, बिलासपुर रेल जोन में मालगाड़ियों का परिचालन काफी महत्वपूर्ण है। वर्तमान में रेल नेटवर्क पर क्षमता के मुकाबले अधिक ट्रेनों का संचालन होने के कारण यात्री ट्रेनों की समयबद्धता प्रभावित हो रही है।

Passenger Train Delays in Chhattisgarh: अधिकारियों के अनुसार, जोन में ट्रेनों की पंक्चुअलिटी सामान्य तौर पर 60 से 70 फीसदी के आसपास होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा दबाव के कारण यह करीब 50 फीसदी तक पहुंच गई है। यानी बड़ी संख्या में ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं।

हालांकि, उपलब्ध ट्रेन-ट्रैकिंग आंकड़ों में अलग-अलग ट्रेनों और स्टेशनों पर देरी का स्तर अलग-अलग दिखाई देता है। उदाहरण के तौर पर बिलासपुर जंक्शन पर सितंबर के अंतिम सप्ताह में औसत देरी करीब एक घंटे से अधिक दर्ज की गई, जबकि कुछ ट्रेनें निर्धारित समय के करीब भी चलती रही हैं।

बारिश ने भी बढ़ाई मुश्किल

छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों हुई भारी बारिश का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। रायपुर आने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से पहुंचीं। वहीं बालोद क्षेत्र में भारी बारिश के चलते रेलवे ट्रैक प्रभावित होने पर कुछ ट्रेनों को रद्द और कुछ को शॉर्ट-ऑरिजिनेट किया गया।

यात्रियों का सवाल- समय पर कब चलेंगी ट्रेनें?

Passenger Train Delays in Chhattisgarh: ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी से यात्रियों का कहना है कि रेलवे को मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के परिचालन के बीच बेहतर संतुलन बनाना चाहिए। यात्रियों के मुताबिक, ट्रेनें देर से चलने के कारण नौकरी, परीक्षा, इलाज और अन्य जरूरी कामों के लिए सफर करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

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अब सवाल यह है कि त्योहारों के सीजन में रेलवे ट्रेनों की समयबद्धता सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है। यात्रियों को उम्मीद है कि परिचालन संबंधी समस्याओं के साथ-साथ मौसम से जुड़े व्यवधानों को देखते हुए व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।

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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

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