Reported By: Tehseen Zaidi
,CG Bijli Meter Scam/Image Source: Symbolic
रायपुर: CG Bijli Meter Scam: राजधानी समेत पूरे प्रदेश में ऑनलाइन साइबर ठग रोज नए-नए तरीकों से ठगी को अंजाम दे रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट, एपीके फाइल और शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी की वारदातें लगातार सामने आ रही हैं। अब शातिर ठगों ने अलग तरीके से दो चौंकाने वाली घटनाओं को अंजाम देकर लाखों रुपये की ठगी कर ली है। इन ठगों ने खुद को छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) का कर्मचारी बताकर नया मीटर लगाने के नाम पर थाना मुजगहन और देवेन्द्र नगर इलाकों में ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
CG Bijli Meter Scam: देवेन्द्र नगर निवासी प्लाईवुड कारोबारी तरुण जिंदल ने बताया कि पिछले दिनों उन्होंने अपने प्लांट के लिए मां की जमीन पर मीटर लगवाने हेतु आवेदन किया था। आवेदन के तीसरे दिन एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को सीएसपीडीसीएल का कर्मचारी बताते हुए एक लिंक भेजा और उसमें फॉर्म भरवाकर करीब 22 हजार रुपये उनके खाते से उड़ा दिए। वहीं दूसरी बड़ी ठगी की वारदात भटगांव माना बस्ती निवासी रोशन देव रात्रे के साथ हुई। उन्होंने 22 फरवरी को मुजगहन थाने में ऑनलाइन फ्रॉड की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया कि उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को सीएसपीडीसीएल का अधिकारी बताते हुए कहा कि नए मीटर के लिए आवेदन किया गया है और मीटर जारी करने से पहले ऑनलाइन औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद व्हाट्सएप के जरिए दो एप्लीकेशन “सीएसपीडीसीएल मीटर रिलीज अपडेट एप” और “इलेक्ट्रिसिटी बिल अपडेट एपीके” भेजी गईं। भेजने वाले नंबर पर सीएसपीडीसीएल का लोगो और नाम प्रदर्शित हो रहा था। आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल कर फाइल खोलने को कहा। एप खोलने पर 13 रुपये का प्रोसेस चार्ज भुगतान का विकल्प दिखाई दिया।
CG Bijli Meter Scam: पीड़ित ने पहले अपने इलाहाबाद बैंक खाते से 13 रुपये का भुगतान करने का प्रयास किया, लेकिन पेमेंट फेल बताया गया। इसके बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एमजी रोड शाखा) के सैलरी अकाउंट से भी भुगतान की कोशिश की गई, जो असफल दिखाया गया। ठग ने अन्य खाते से भी भुगतान कराने को कहा। तीनों बार पेमेंट फेल दिखने पर प्रार्थी को शक हुआ और उसने कॉल काट दी। बाद में फोनपे की हिस्ट्री चेक करने पर रकम कटने का पता चला। राजधानी में हुई इन वारदातों से बिजली कंपनी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और अंदरूनी स्तर पर मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। आईबीसी-24 भी अपने दर्शकों से अपील करता है कि सावधानी रखें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें क्योंकि सावधानी में ही सुरक्षा है। फिलहाल पुलिस ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर अज्ञात शातिर ठगों की तलाश शुरू कर दी है।