Reported By: Rajesh Raj
,CG Dhan Kharidi Token/Image Source: IBC24
रायपुर: CG Dhan Kharidi Token: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत तीन श्रेणियों के किसानों को धान विक्रय हेतु अतिरिक्त दो दिवस 05 एवं 06 फरवरी 2026 तक खरीदी की अनुमति प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ शासन ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर अहम आदेश जारी किया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार अब किसानों को धान खरीदी के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है।
CG Dhan Kharidi Date Extended Order: आदेश में बताया गया है कि राज्य शासन द्वारा पहले धान खरीदी की समय-सीमा 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई थी। किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए अब इस अवधि में दो अतिरिक्त दिवस की बढ़ोतरी की गई है। इसके तहत 05 फरवरी 2026 से 06 फरवरी 2026 तक किसानों से धान खरीदी की जाएगी। यह अतिरिक्त अवसर विशेष रूप से उन किसानों को दिया गया है जिन किसानों ने 10 जनवरी 2026 के बाद टोकन के लिए आवेदन किया था, लेकिन सत्यापन नहीं हो पाया था। जिन किसानों ने 10 जनवरी 2026 के बाद आवेदन किया और सत्यापन के उपरांत उनका धान खरीदा गया। जिन किसानों को 28, 29 और 30 जनवरी 2026 को टोकन प्राप्त हुआ था, लेकिन किसी कारणवश वे धान विक्रय नहीं कर पाए थे।
CG Dhan Kharidi Token: शासन ने सभी कलेक्टरों, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आवश्यकतानुसार बारदाने, हमाल एवं अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। यह आदेश खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अपर सचिव भूपेन्द्र सिंह राजपूत द्वारा जारी किया गया है।
CG Dhan Kharidi Token: बता दें मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन किसानों का धान किसी कारणवश तय समय सीमा में नहीं खरीदा जा सका था, उन्हें ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। इस विशेष अवधि में केवल उन्हीं किसानों से धान की खरीदी की जाएगी, जो पहले वंचित रह गए थे। आपको बता दें कि बीते करीब दो महीनों से प्रदेशभर में धान खरीदी का काम चल रहा था जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी उपज सरकारी केंद्रों में बेची। धान खरीदी के दौरान किसानों की भीड़ केंद्रों पर देखने को मिली और कई जगहों पर आखिरी दिन 31 जनवरी तक टोकन के आधार पर खरीदी होती रही। लेकिन इसके बाद भी कई ऐसे किसान है जो वंचित रह गए थे उन्हीं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ये फैसला लिया है।