Raipur ISIS Network: आतंकी चला रहे थे ISIS Raipur ग्रुप! इंस्टाग्राम से मांगा डेटा.. हथियार, कट्टरपंथ और पाकिस्तानी कनेक्शन, एटीएस ऑपरेशन में बड़ा खुलासा

Ads

Raipur ISIS Network: आतंकी चला रहे थे ISIS Raipur ग्रुप! इंस्टाग्राम से मांगा डेटा.. हथियार, कट्टरपंथ और पाकिस्तानी कनेक्शन, एटीएस ऑपरेशन में बड़ा खुलासा

  •  
  • Publish Date - November 21, 2025 / 04:25 PM IST,
    Updated On - November 21, 2025 / 04:27 PM IST

Raipur ISIS Network/Image Source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • रायपुर में ISIS का नाबालिग नेटवर्क
  • विदेशी हैंडलर्स से जुड़े सनसनीखेज खुलासे
  • एटीएस ने इंस्टाग्राम से मांगा डेटा

रायपुर: Raipur ISIS Network: छत्तीसगढ़ एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड ने राज्य में सामने आए कथित ISIS-प्रेरित नाबालिग नेटवर्क की जांच को तेज करते हुए इंस्टाग्राम मुख्यालय को विस्तृत डाटा उपलब्ध कराने के लिए औपचारिक मेल भेजा है। एटीएस ने प्लेटफॉर्म से कम्प्लीट लॉगिन लॉग्स, चैट बैकअप्स और सर्वर मेटाडेटा की मांग की है, ताकि नेटवर्क की डिजिटल गतिविधियों की पुष्टि की जा सके।

ISIS का नाबालिग नेटवर्क पकड़ा गया (Raipur Crime News)

फॉरेंसिक जांच में मिले ग्रुप चैट्स के डाटा में कई देशों और भारत के विभिन्न राज्यों से जुड़े अकाउंट्स सामने आए हैं। डिवाइस और लॉग रिव्यू में पाकिस्तानी हैंडलर्स सहित कुछ विदेशी डिजिटल कनेक्शनों के संकेत भी मिले हैं, जिनकी पुष्टि के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ संयुक्त जांच जारी है।

एटीएस ने इंस्टाग्राम से मांगा डेटा (Chhattisgarh terror probe)

Raipur ISIS Network: एटीएस के अनुसार ISIS Raipur नामक चैट ग्रुप और उससे संबंधित कट्टरपंथी सामग्री जांच का अहम हिस्सा बने हुए हैं। वहीं, डार्क वेब से जुड़े कुछ ट्रेल्स पर हथियारों की संभावित कड़ी सामने आने के बाद इस मामले को हाई-रिस्क कैटेगरी में रखकर एटीएस और अन्य केंद्रीय एजेंसियां जांच कर रही हैं। ATS ने हाल ही में इस प्रकरण में दो नाबालिगों को पकड़ा था। अधिकारियों के अनुसार उनसे जुड़े कई अन्य लोगों से पूछताछ की प्रक्रिया जारी है ताकि नेटवर्क के पूरे स्वरूप और संभावित कनेक्शनों का पता लगाया जा सके।

यह भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ ATS द्वारा इंस्टाग्राम को भेजे गए " " डाटा अनुरोध में क्या-क्या शामिल है?

ATS ने इंस्टाग्राम से कम्प्लीट लॉगिन लॉग्स, चैट बैकअप्स और सर्वर मेटाडेटा जैसी तकनीकी जानकारी मांगी है ताकि डिजिटल गतिविधियों की पुष्टि की जा सके।

ISIS-प्रेरित नाबालिग नेटवर्क से जुड़े " " चैट ग्रुप्स में क्या सामने आया?

फॉरेंसिक जांच में ऐसे ग्रुप चैट्स मिले हैं जिनमें कई राज्यों और विभिन्न देशों से जुड़े अकाउंट्स दिखाई दिए हैं।

ATS इस " " मामले को हाई-रिस्क कैटेगरी में क्यों मान रही है?

डार्क वेब ट्रेल्स में संभावित हथियार-लिंक और विदेशी डिजिटल कनेक्शन के संकेत मिलने के कारण इसे हाई-रिस्क कैटेगरी में रखा गया है और संयुक्त जांच जारी है।