PMAY Urban Cut Off Date Changed || Image- IBC24 News File
PMAY Urban Cut Off Date Changed: रायपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने योजना के तहत पात्रता का दायरा बढ़ा दिया है। अब ऐसे परिवार भी योजना का लाभ ले सकेंगे जो पिछले 9 वर्षों से संबंधित क्षेत्र में निवास कर रहे हैं।
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शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना-अर्बन 2.0 (PMAY-U 2.0) तेजी से आगे बढ़ रही है। योजना के तहत अब तक 18.77 लाख घरों को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके साथ ही यह योजना 20 लाख स्वीकृत घरों के महत्वपूर्ण आंकड़े को छूने के बेहद करीब पहुंच गई है। सरकार ने आवास योजना के लिए निवास की वैधता की कट-ऑफ डेट में बदलाव किया है। पहले यह कट-ऑफ डेट वर्ष 2015 निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 अगस्त 2024 कर दिया गया है। इस फैसले के बाद उन परिवारों के लिए भी PM आवास योजना-शहरी का रास्ता साफ होगा, जो नई कट-ऑफ तारीख के अनुसार पात्रता पूरी करते हैं।
PMAY Urban Cut Off Date Changed: राज्य सरकार के इस फैसले से योजना में नए हितग्राहियों को शामिल किया जा सकेगा। पात्र परिवारों को AHP के तहत बनाए गए आवासों का लाभ जल्द देने की तैयारी है। सरकार के इस निर्णय से शहरी क्षेत्रों में लंबे समय से निवास कर रहे ऐसे परिवारों को राहत मिलेगी, जो अब तक निर्धारित निवास अवधि की शर्त के कारण योजना के दायरे से बाहर थे।
सरकार के मुताबिक, पीएमएवाई-यू 2.0 का उद्देश्य शहरी इलाकों में रहने वाले पात्र परिवारों को किफायती, सुरक्षित और पक्का आवास उपलब्ध कराना है। योजना के तहत अलग-अलग आय वर्ग और जरूरतों के मुताबिक लाभार्थियों को घर बनाने, घर खरीदने, किराए के किफायती आवास का लाभ लेने और होम लोन पर ब्याज सब्सिडी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के अनुसार, पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत अब तक 18.77 लाख घरों को स्वीकृति दी गई है। सरकार इसे शहरी क्षेत्रों में ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है। इन घरों के जरिए बड़ी संख्या में शहरी परिवारों को सुरक्षित आवास मिलने की उम्मीद है। योजना का फोकस ऐसे पात्र परिवारों तक सरकारी सहायता पहुंचाने पर है, जिन्हें अपनी आर्थिक स्थिति के कारण पक्का घर बनाने या खरीदने में परेशानी होती है। सरकार का कहना है कि योजना के क्रियान्वयन में किसी तरह की देरी या बाधा की पहचान समय रहते की जानी चाहिए, ताकि पात्र लाभार्थियों को आवास का लाभ जल्द मिल सके।
PMAY Urban Cut Off Date Changed: पीएमएवाई-यू 2.0 की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में महिलाओं की बड़ी भागीदारी भी शामिल है। अब तक मंजूर किए गए 18.77 लाख घरों में से 17.19 लाख घर यानी करीब 92 प्रतिशत घर महिलाओं को आवंटित किए गए हैं। इससे महिलाओं के नाम पर आवासीय संपत्ति का स्वामित्व बढ़ाने में मदद मिल सकती है। साथ ही यह परिवारों में महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है। शहरी विकास विभाग के सचिव सतेंद्र सिंह ने योजना को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि योजना के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं की जल्द पहचान की जाए और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय कर उनका समाधान किया जाए।
पीएमएवाई-यू 2.0 का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले पात्र EWS, LIG और MIG परिवारों को आवास उपलब्ध कराने में सहायता देना है। योजना को अलग-अलग वर्टिकल के माध्यम से लागू किया जा रहा है, ताकि लाभार्थी अपनी जरूरत और आर्थिक स्थिति के अनुसार उपयुक्त विकल्प चुन सकें। इसके तहत पात्र परिवारों को अपना पक्का घर बनाने में सहायता मिल सकती है। इसके अलावा योजना के तहत तैयार किए गए आवासीय प्रोजेक्ट में घर खरीदने का विकल्प भी उपलब्ध है। जिन परिवारों को खुद का घर खरीदना संभव नहीं है, उनके लिए किफायती किराए के आवास का विकल्प भी योजना में शामिल है। वहीं पात्र होम लोन लेने वाले लाभार्थियों को ब्याज सब्सिडी का लाभ मिल सकता है। इस तरह पीएमएवाई-यू 2.0 केवल घर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग आर्थिक परिस्थितियों वाले पात्र शहरी परिवारों के लिए कई आवासीय विकल्प उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।
PMAY Urban Cut Off Date Changed: पीएमएवाई-यू 2.0 को प्रधानमंत्री आवास योजना-अर्बन के पहले चरण में हुई प्रगति को आगे बढ़ाने वाली योजना के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार के अनुसार, पीएमएवाई-यू और पीएमएवाई-यू 2.0 को मिलाकर अब तक 1.25 करोड़ से अधिक घरों को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 1 करोड़ से अधिक घर बनाकर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। इससे शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए स्थायी आवास उपलब्ध कराने के सरकार के प्रयासों का पता चलता है।
पीएमएवाई-यू 2.0 में समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को शामिल करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, योजना के तहत बुजुर्गों के लिए 1.80 लाख घर आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति (SC) लाभार्थियों के लिए करीब 3.25 लाख घर, अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए लगभग 1.02 लाख घर और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) लाभार्थियों के लिए करीब 8.22 लाख घरों को मंजूरी दी गई है। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि योजना में कमजोर सामाजिक और आर्थिक वर्गों की आवास संबंधी जरूरतों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
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पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 18.77 लाख घरों की मंजूरी के बाद अब योजना 20 लाख घरों के शुरुआती बड़े माइलस्टोन से करीब 1.23 लाख घर दूर है। यह आंकड़ा योजना के विस्तार और शहरी आवास की जरूरत को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा सकता है। आने वाले समय में मंजूरियों की संख्या बढ़ने के साथ ज्यादा पात्र शहरी परिवारों को पक्के घर का लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, योजना की वास्तविक सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि स्वीकृत घरों का निर्माण और लाभार्थियों तक उनका हस्तांतरण कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से होता है।
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