Reported By: Saurabh Singh Parihar
,Vijay Sharma-bhupesh Baghel Open Debate: 15 तारीख को विजय शर्मा-भूपेश बघेल के बीच खुली बहस? पूर्व सीएम बोले- तैयारी करें हम सब चर्चा करने आ जाएंगे, जानिए किस मुद्दे पर छिड़ी जंग / Image: AI Generated
रायपुर: Vijay Sharma-bhupesh Baghel Open Debate पीएम आवास के आंकड़ों को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा और पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बीच जारी बयानबाजी अब निर्णायक मोड़ की ओर जाते हुए नजर आ रहा है। जी हां डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने चैलेंज को स्वीकर करते हुए कहा था कि समय और स्थान तय कर लिया जाए, वे बहस के लिए तैयार हैं। तो अब पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने चुनौती स्वीकार किए जाने के बाद कहा है कि, मैंने ही उनको चुनौती दी थी, उन्होंने 15 तारीख का समय दिया है वो तैयारी करें हम सब चर्चा करने आ जाएंगे। अब देखने वाली बात होगी कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल और डिप्टी सीएम विजय शर्मा के बीच होगी खुली बहस?
Vijay Sharma-bhupesh Baghel Open Debate दरअसल पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पीएम आवास योजना के तहत बनाए गए घरों के आंकड़ों में अंतर का आरोप लगाया था और बीजेपी पर निशाना साधा था। इस पर राज्य के डिप्टी सीएम और सह पंचायत मंत्री विजय शर्मा ने दावा किया कि सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट मीटिंग में 18 लाख पीएम आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया था। इनमें से अब तक 11 लाख से ज्यादा पीएम आवास – ग्रामीण पूरे भी किए जा चुके हैं। इसके बाद उन्होंने भूपेश बघेल पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया था और चुनौती दी थी कि वो किसी भी मंच पर बहस के लिए तैयारा है।
डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा था कि सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख आवास बनाने की फाइल पर हस्ताक्षर किया था। हमारी सरकार में 11 लाख आवास बनाकर पूरे कर लिए गए हैं। मैं भूपेश बघेल को चुनौती देना चाहता हूं कि वो कहीं पर भी किसी मंच पर इस मामले में बहस कर सकते हैं।
भूपेश बघेल ने विजय शर्मा की इसी चुनौती को अब स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि- समय और स्थान तय कर लिया जाए, वे बहस के लिए तैयार हैं। बघेल ने आरोप लगाया कि पीएम आवास के आंकड़ों को लेकर अलग-अलग जगह अलग आंकड़े दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में 18 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत होने की बात कही गई है, जबकि संसद में अलग आंकड़े बताए जाते हैं। भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में 11 लाख से ज्यादा आवास पहले ही बन चुके थे, इनमें पहले की सरकारों के कार्यकाल के आवास भी शामिल हैं। हमारे कार्यकाल में करीब 7 लाख आवास स्वीकृत कराए गए थे। मौजूदा सरकार ने कितने आवास स्वीकृत किए और उनमें से कितने पूरे किए हैं, सरकार को यह स्पष्ट बताना चाहिए। एक तरफ हैं छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम, दूसरी तरफ मौजूदा डिप्टी सीएम। अब देखना होगा कि पूरे मामले पर क्या वाकई दोनों कद्दावर नेता खुले मंच पर बहस करने के लिए साथ आएंगे या नहीं।