Ban on Muslims from Garba: गरबा में मुस्लिमों के जाने पर रोक! छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने समाज के लोगों से की ये अपील, बोले- ‘परंपरा और आस्था का करें सम्मान’

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Ban on Muslims from Garba: गरबा में मुस्लिमों के जाने पर रोक! छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने समाज के लोगों से की ये अपील, बोले- 'परंपरा और आस्था का करें सम्मान'

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  • Publish Date - September 11, 2026 / 10:55 AM IST,
    Updated On - September 11, 2026 / 10:56 AM IST

Ban on Muslims from Garba | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • वक्फ बोर्ड की अपील
  • मुस्लिम समाज गरबा से दूरी बनाए
  • अनुमति और परंपरा का पालन

रायपुर: Ban on Muslims from Garba छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम समाज के लोगों को नवरात्र पर्व पर आयोजित होने वाले गरबा से दूरी (Muslim entry ban Garba) बनाने की अपील की है। इस संबंध में बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने समाज लोगों से संयम बरतने की अपील की है। अध्यक्ष डॉ. राज ने कहा कि गरबा कोई साधारण नृत्य कार्यक्रम नहीं है। गरबा धार्मिक परंपरा है, मुस्लिमों को सम्मान करना चाहिए।

गरबा में जाने वालों के लिए कही ये बात

Ban on Muslims from Garba सलीम राज ने कहा की यदि कोई मुस्लिम भाई-बहन वेशभूषा व परंपरा का सम्मान करते हुए समिति से अनुमति लेकर भाग लेना चाहते हैं, तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होगी।उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को माथे पर तिलक लगाकर और गंगाजल ग्रहण करने के बाद ही गरबा में जाना चाहिए।

आस्था और परंपरा का सम्मान जरूरी

उन्होंने समाज के लोगों से गरबा को लेकर संयम बरतने की अपील भी की। डॉ. सलीम राज के मुताबिक, मुस्लिम व्यक्ति अगर गरबा में जाता है तो वह आमतौर पर सिर्फ डांस करने के लिए जाता है, जबकि गरबा का आयोजन केवल डांस की जगह नहीं है। गरबा धार्मिक आस्था और परंपरा से जुड़ा हुआ आयोजन है। ऐसे में सभी लोगों को इसकी धार्मिक भावनाओं और परंपराओं का सम्मान करना चाहिए।

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गरबा में मुस्लिमों को क्यों मना किया गया?

क्योंकि यह धार्मिक परंपरा है, केवल डांस नहीं।

क्या मुस्लिम गरबा में भाग ले सकते हैं?

हाँ, लेकिन समिति की अनुमति, तिलक और गंगाजल ग्रहण करने के बाद।

गरबा को किस रूप में देखा जाता है?

धार्मिक आस्था और परंपरा से जुड़ा आयोजन।