RAKSHAK Course in CG: छत्तीसगढ़ में बाल सुरक्षा को मिलेगा मजबूत आधार, इन कॉलेजों में शुरू होगी ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम की पढ़ाई, सीएम साय ने किया था MOU

RAKSHAK Course in CG: छत्तीसगढ़ में “रक्षक पाठ्यक्रम” को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।

RAKSHAK Course in CG: छत्तीसगढ़ में बाल सुरक्षा को मिलेगा मजबूत आधार, इन कॉलेजों में शुरू होगी ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम की पढ़ाई, सीएम साय ने किया था MOU

RAKSHAK Course in CG/Image Credit: CG DPR

Modified Date: April 15, 2026 / 08:01 pm IST
Published Date: April 15, 2026 7:58 pm IST
HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में शुरू होगी ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम की पढ़ाई
  • पाठ्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए सीएम साय ने कुछ समय पहले किया था MOU
  • इस पाठ्यक्रम से छत्तीसगढ़ में बाल सुरक्षा को मजबूत आधार मिलेगा

RAKSHAK Course in CG: रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा राज्य में “रक्षक (RAKSHAK) पाठ्यक्रम” को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के माध्यम से बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और समाज में बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।

किया गया एमओयू

इस पाठ्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए पूर्व में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा के सहयोग से एमओयू संपन्न किया गया था। (RAKSHAK Course in CG) यह समझौता राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में “रक्षक” पाठ्यक्रम लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।

विश्वविद्यालय स्तरीय परामर्श बैठक का हुआ आयोजन

RAKSHAK Course in CG:  इसी क्रम में बुधवार को रायपुर स्थित होटल बेबिलोन में “रक्षक” पाठ्यक्रम के अंतर्गत तैयार उप-इकाइयों (सब-यूनिट्स) को अंतिम रूप देने हेतु विश्वविद्यालय स्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद आयोग के सचिव प्रतीक खरे और डायरेक्टर संगीता बिंद ने अतिथियों का स्वागत किया।

आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि “रक्षक पाठ्यक्रम केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक सशक्त सामाजिक अभियान है। (RAKSHAK Course in CG) हमारा प्रयास है कि इसे प्रभावी रूप से लागू कर आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और जागरूक बनाया जाए।”

बैठक में शामिल हुए ये दिग्गज

बैठक में राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों—पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, (RAKSHAK Course in CG) संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय (सरगुजा), शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (भिलाई), एमिटी यूनिवर्सिटी और अंजनेय यूनिवर्सिटी—के कुलपति, कुलसचिव, प्रतिनिधि एवं विषय विशेषज्ञ शामिल हुए।

RAKSHAK Course in CG:  परामर्श बैठक का मुख्य उद्देश्य पाठ्यक्रम की उप-इकाइयों पर विस्तृत चर्चा कर उन्हें अंतिम स्वरूप प्रदान करना था, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। इस दौरान विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम की संरचना, उपयोगिता और व्यवहारिक पहलुओं पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। सभी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने इस पहल को समय की आवश्यकता बताते हुए आयोग की सराहना की और इसके सफल क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। आयोग को विश्वास है कि “रक्षक” पाठ्यक्रम जल्द ही राज्य के महाविद्यालयों में लागू होगा, जिससे विद्यार्थियों के माध्यम से बाल अधिकारों की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित होगा।

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