Ban On Pre-Wedding Shoot: शादी से पहले अब ये काम नहीं कर पाएंगे दूल्हा-दूल्हन! प्रदेश साहू समाज ने लगाया बैन, इस वजह से लिया गया बड़ा फैसला

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Ban On Pre-Wedding Shoot: शादी से पहले अब ये काम नहीं कर पाएंगे दूल्हा-दूल्हन! प्रदेश साहू समाज ने लगाया बैन, इस वजह से लिया गया बड़ा फैसला
Modified Date: January 19, 2026 / 05:22 pm IST
Published Date: January 19, 2026 5:21 pm IST
HIGHLIGHTS
  • प्रदेश साहू समाज ने प्री-वेडिंग शूट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया
  • समाज ने शादियों में फिजूलखर्ची रोकने का भी फैसला किया
  • यह निर्णय प्रदेश साहू संघ की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया

रायपुर। Bans on Pre-Wedding Shoots छत्तीसगढ़ साहू समाज ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। समाज ने प्री-वेडिंग शूट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया है। इसके साथ ही शादियों और अन्य सामाजिक आयोजनों में होने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाने का भी ऐलान किया गया है। यह निर्णय प्रदेश साहू संघ की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।

Bans on Pre-Wedding Shoots बैठक में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने दावा किया है क प्री-वेडिंग शूट और दिखावटी आयोजनों के चलते विवाह समारोह अनावश्यक रूप से महंगे होते जा रहे हैं, जिससे मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ता है। प्रदेश साहू संघ ने स्पष्ट किया कि समाज को सादगी, समानता और सामाजिक समरसता की ओर ले जाना ही इस फैसले का उद्देश्य है। शादी-विवाह में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और दिखावे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए यह कदम जरूरी था।

पदाधिकारियों ने समाज के लोगों से की ये अपील (Sahu Samaj Latest News)

साहू समाज के पदाधिकारियों ने समाज के सभी लोगों से अपील की है कि वे इन फैसलों का पालन करें और विवाह जैसे पवित्र संस्कार को सादगी और गरिमा के साथ संपन्न करें। संघ ने यह भी संकेत दिए कि आने वाले समय में सामाजिक नियमों के पालन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

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पहले भी लिए जा चुके हैं कई अहम फैसले ( CG Sahu Samaj)

इससे पहले साहू समाज ने कई जिलों में बर्थडे पर केक काटने पर रोक सहित कई अहम फैसले लिए हैं। समाज ने शादी में जूता छिपाना और संग छुड़ाने में पैसा लेने के रस्म पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। आमसभा में समाज में मृत्यु भोज के दौरान कलेवा की जगह सादा भोजन ही परोसने के नए नियम का कड़ाई से पालन करवाने का फैसला भी लिया गया है।

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।