Sachin Pilot on SIR: ‘एसआईआर में निर्वाचन आयोग की भूमिका संदेहास्पद’.. PCC प्रभारी पायलट ने फिर उठाए सवाल, पूछा- आखिर इतनी हड़बड़ी क्यों?

'एसआईआर में निर्वाचन आयोग की भूमिका संदेहास्पद'..State Congress in-charge Sachin Pilot raised questions regarding the SIR process

Sachin Pilot on SIR: ‘एसआईआर में निर्वाचन आयोग की भूमिका संदेहास्पद’.. PCC प्रभारी पायलट ने फिर उठाए सवाल, पूछा- आखिर इतनी हड़बड़ी क्यों?

Sachin Pilot in Bilaspur || Image- Sachin Pilot X handle

Modified Date: November 27, 2025 / 06:14 pm IST
Published Date: November 27, 2025 6:07 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सचिन पायलट ने SIR प्रक्रिया में अनियमितताओं और BLO पर बढ़ते दबाव पर गंभीर सवाल उठाए।
  • विधायक का नाम गलत जगह दर्ज होने का उदाहरण देते हुए चुनाव आयोग की भूमिका संदेहास्पद बताई।
  • भाजपा की महिलाओं को 10,000 रुपये देने वाली बिहार घोषणा पर टिप्पणी—“छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं लागू?”

रायपुर। Sachin Pilot on SIR: दिल्ली रवाना होने से पहले कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने SIR प्रक्रिया को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां SIR का काम चल रहा है, वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मजबूती से अपना पक्ष रखना होगा। पायलट ने कहा कि हर व्यक्ति को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए, लेकिन इस बार SIR प्रक्रिया में कई अनियमितताएँ सामने आ रही हैं।

सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि इस बार BLO पर भारी दबाव बनाया जा रहा है, जिसके कारण कई BLO आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि SIR पहले भी हुए हैं, लेकिन इस बार दबाव असामान्य है। निर्वाचन आयोग की भूमिका संदेहास्पद दिखाई दे रही है।” पायलट ने बताया कि एक विधायक जो तीन बार चुनाव लड़ चुके हैं, उनका नाम जिस क्षेत्र में वे रहते हैं, वहां से काटकर किसी दूसरी जगह जोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि जब विधायक के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम मतदाता के साथ क्या हो रहा होगा?” SIR के लिए 4 दिसम्बर तक का समय पर्याप्त नहीं है। हमने निर्वाचन आयोग से इसे बढ़ाने की मांग की है। इन्होंने सवाल किया कि आखिर क्या वजह है कि इतनी हड़बड़ी की जा रही है जबकि अभी कोई चुनाव भी नहीं है।

बिहार की घोषणा छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं?

Sachin Pilot on SIR: इस दौरान उन्होंने भाजपा पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा महिलाओं को 10,000 दे सकती है, तो इसे छत्तीसगढ़ और भाजपा-शासित सभी राज्यों में लागू क्यों नहीं किया जाता? शायद चुनाव के समय इसकी घोषणा करेंगे।

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