Surguja Drinking Water Crisis: अब जंगलों में नहीं भटकेंगे ग्रामीण, छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में लगेंगे 113 हैंडपंप, सीएम साय के निर्देश पर कलेक्टर ने कसी कमर

Surguja Drinking Water Crisis: अब जंगलों में नहीं भटकेंगे ग्रामीण, छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में लगेंगे 113 हैंडपंप, सीएम साय के निर्देश पर कलेक्टर ने कसी कमर

Surguja Drinking Water Crisis: अब जंगलों में नहीं भटकेंगे ग्रामीण, छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में लगेंगे 113 हैंडपंप, सीएम साय के निर्देश पर कलेक्टर ने कसी कमर

Surguja Drinking Water Crisis/Image Source: IBC24

Modified Date: May 8, 2026 / 11:53 pm IST
Published Date: May 8, 2026 11:51 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सरगुजा जिले में पेयजल संकट दूर करने के लिए 113 नए हैंडपंप और बोरवेल लगाए जाएंगे
  • मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के निर्देश पर प्रशासन ने एक माह में कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया है
  • इस योजना से पहाड़ी कोरवा सहित हजारों आदिवासी परिवारों को घर के पास शुद्ध पेयजल मिलेगा

रायपुर। Surguja Drinking Water Crisis: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में भीषण पेयजल संकट (Drinking Water Crisis in Surguja) को दूर करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu deo sai) के निर्देश पर पहाड़ी कोरवा (विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूह) की बस्तियों और सुदूर वन क्षेत्रों में 113 नए हैंडपंप और बोरवेल स्थापित किए जा रहे हैं। सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को घर के पास शुद्ध पेयजल (Surguja Drinking Water Crisis) उपलब्ध कराना और पारंपरिक दूरस्थ जल स्रोतों पर निर्भरता कम करना।

दूरदराज के वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए और यह सुनिश्चित करना कि कल्याणकारी योजनाओं, विशेष रूप से आवश्यक सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का परिणाम

विगत दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा दौरे (Surguja Drinking Water Crisis) के दौरान पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर को तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश थे कि वनांचल में रहने वाले ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहें।

कलेक्टर ने दी एक माह की समय-सीमा

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में सरगुजा कलेक्टर एवं डीएमएफ (क्डथ्) अध्यक्ष अजीत वसंत ने प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। उन्होंने संबंधित विभागों और जनपद पंचायत सीईओ को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी 113 हैंडपंप और बोरवेल खनन का कार्य एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए।

कहां कितने हैंडपंप लगेंगे?

जिला खनिज संस्थान न्यास (क्डथ्) मद से स्वीकृत इन कार्यों का स्थलीय सर्वे पूर्ण हो चुका है। जिला खनिज निधि के कोष का उपयोग करके विभिन्न विकास खंडों में कार्य किया जाएगा, जिनमें लुण्ड्रा में 34, बतौली में छह, लखनपुर में 22, अंबिकापुर में 11, सीतापुर में 16, मैनपाट में 20 और उदयपुर में चार नए हैंडपंप शामिल हैं।

उच्च स्तरीय बैठक में मिली स्वीकृति

24 अप्रैल को आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज सहित अन्य सदस्यों ने इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की थी। इस पहल से जिले के सैकड़ों गांवों के हजारों निवासियों, विशेषकर पहाड़ी कोरवा परिवारों को पारंपरिक झरिया और दूरस्थ जल स्रोतों पर निर्भरता से मुक्ति मिलेगी और उन्हें उनके घर के पास ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा।

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.