सूचना के अधिकार अधिनियम में इन अफसरों ने बरती लापरवाही, सूचना आयुक्त ने लगाया 75 हजार जुर्माना 

These officers were negligent in the Right to Information Act, Information Commissioner

Edited By: , September 21, 2021 / 08:29 PM IST

रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के राज्य सूचना आयुक्त ए.के.अग्रवाल ने तीन जनसूचना अधिकारी को निर्धारित समयावधि में जानकारी नहीं देने के पांच मामलों में 25-25 हजार रूपए के मान से कुल सवा लाख रूपए का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है।

सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्रकरण में शिकायकर्ता  हिरदे राम गिलहरे ग्राम कुर्रा ने तत्कालीन जनसूचना अधिकारी (सचिव) ग्राम पंचायत कुर्रा रामजी साहू से ग्राम पंचायत कुर्रा में स्वच्छ भारत अभियान के अन्तर्गत शौचालय निर्माण के लिए हितग्राहियों के नामों की सूची और व्यय राशि, वर्ष 2015-16 से 2018-19 तक मूलभूत कार्याे के लिए प्राप्त राशि, कराए गए कार्याे और पंचायत प्रस्तावों के साथ भुगतान बिल की सत्यापित प्रति की मांग 15 जून 2019 को थी। इसी प्रकार ग्राम पंचायत कुर्रा में 14 वें वित आयोग से प्राप्त राशि, कराए गए कार्याे, पंचायत प्रस्तावों के साथ भुगतान के गए बिल की सत्यापित प्रति की मांग की थी।

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जानकारी प्राप्त न होने के कारण आवेदक ने 19 जुलाई 2019 को प्रथम अपीलीय अधिकारी को अपील किया। प्रथम अपीलीय अधिकारी ने अपने आदेश में 30 दिवस के भीतर तत्कालीन जनसूचना अधिकारी (सचिव) ग्राम पंचायत कुर्रा रामजी साहू को वर्तमान सचिव जनसूचना अधिकारी प्यारे लाल रात्रे को प्रभार देने निर्देश दिए, ताकि आवेदक को जानकारी दी जा सके। प्रथम अपीलीय अधिकारी (मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत) के निर्देश और अनेको बार पत्र देने के बाद भी प्रभार वर्तमान सचिव को नहीं दिया। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 7 (1) के तहत आवेदन प्राप्ति के 30 दिवस के भीतर जानकारी आवेदक को देना होता है, किन्तु तत्कालीन जनसूचना अधिकारी ने समयसीमा में जानकारी आवेदक को नहीं और प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेशों की अवहेलना की, जिसके कारण आवेदक ने द्वितीय अपील आयोग में लगाया।

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राज्य सूचना आयुक्त  ए.के.अग्रवाल ने प्रकरण का परीक्षण किया और आवेदक को जानकारी उपलब्ध नहीं कराने एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेशों की अवहेलना पर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के तहत 3 प्रकरणों पर तत्कालीन जनसूचना अधिकारी  रामजी साहू को 25-25 हजार रूपए के मान से कुल 75 हजार रूपए का अर्थदण्ड अधिरोपित किए हैं। आयुक्त अग्रवाल ने सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रति घोर लापरवाही मानते हुए जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को अनुशासनात्क कार्यवाही करने अनुशंसा की है।

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इसी प्रकार एक अन्य प्रकरण में आवेदक गाजीनगर बीरगांव निवासी डॉ. शकील ने तत्कालीन जनसूचना अधिकारी भूषण लाल साहू ग्राम-पंचायत झलप, जनपद पंचायत महासमुद से एक जनवरी 2017 से 31 दिसम्बर 2018 के मध्य के ग्राम पंचायत झलप में पारित किए गए प्रस्ताव की छायाप्रति की मांग 30 अप्रैल 2019 को की थी। जनसूचना अधिकारी से जानकारी नहीं मिलने पर 18 जून 2019 को प्रथम अपीलीय अधिकारी को अपील किया। प्रथम अपीलीय अधिकारी ने अपने निर्ण्य में आवेदक को 30 दिवस के भीतर जानकारी निःशुल्क देने को आदेश दिया। प्रथम अपीलीय अधिकारी के पत्र जारी होने के बाद भी जानकारी अवेदक को नहीं मिलने पर आवेदक ने आयोग में द्वितीय अपील की। आयोग में सुनवाई के दौरान तत्कालीन जनसूचना अधिकारी भूषण लाल साहू बताया कि 16 जुलाई 2021 को आवेदक को पंजीकृत डाक से जानकारी प्रेषित कर दी गई है।

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राज्य सूचना आयुक्त ए.के.अग्रवाल ने इस प्रकरण का परीक्षण कर आवेदक को अवसर प्रदान किया किन्तु आवेदक को जानकारी उपलब्ध नहीं कराने एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेशों की अवहेलना पर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के तहत तत्कालीन जनसूचना अधिकारी श्री भूषण लाल साहू को 25 रूपए अर्थदण्ड अधिरोपित किया है।

जनसूचना अधिकारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग बलरामपुर से आवेदक चंदन कुमार गुप्ता सेक्टर 27 निवासी ने जनपद पंचायत बलरामपुर के ग्राम पंचायत सरगंवा के ग्राम लुरगी, खासपारा में सार्वजनिक जल व्यवस्था के तहत कराए गए कार्याे के बिल व्हाउचर, मस्टररोल, कार्यपूर्णता उपरान्त छायाचित्र संबंधी दस्तावेज की मांग की। समय पर जनसूचना अधिकारी के द्वारा जानकारी नहीं दिए जाने के कारण प्रथम अपीलीय को आवेदन किया किन्तु इसके बाद भी जानकारी नहीं मिलने पर आयोग को आवेदन किया।

 

राज्य सूचना आयुक्त  ए. के. अग्रवाल ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए और तत्कालीन जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी के द्वारा आयेग के पत्रों का जवाब नही देने के कारण सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के तहत तत्कालीन जनसूचना अधिकारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग बलरामपुर जिला बलरामपुर पर 25 हजार रूपए का अर्थदण्ड अधिरोपित किए जाने के कार्यवाही के साथ ही प्रथम अपीलीय अधिकारी कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग बलरामपुर के व अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा की है।