चुनाव में पार्षद उम्मीदवारों की खर्च सीमा तय, राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना

चुनाव में पार्षद उम्मीदवारों की खर्च सीमा तय, राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना

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  • Publish Date - June 26, 2020 / 01:10 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:03 PM IST

जबलपुर। एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार राज्य सरकार ने नगरीय निकाय चुनावों के लिए पार्षदों के चुनावी खर्च की सीमा तय कर दी है। मध्यप्रदेश सरकार ने जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित अवमानना याचिका पर जवाब देते हुए कहा है कि सरकार ने पार्षदों के चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा तय कर दी है और इसके नियम भी बनाकर अधिसूचना जारी कर दी है।

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सरकार ने नगरीय निकायों की आबादी के हिसाब से अलग-अलग कैटेगिरी में पार्षदों के चुनावी खर्च की सीमा तय की है। इसमें 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले नगर निगमों में पार्षद का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी अधिकतम 8 लाख 75 हजार रुपए खर्च कर सकेंगे। वहीं 10 लाख से कम आबादी वाले नगर निगमों में पार्षद पदों के प्रत्याशी अपने चुनाव में अधिकतम 3 लाख 75 हजार रुपए खर्च कर सकेंगे।

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वहीं एक लाख से अधिक आबादी वाली नगर पालिका में पार्षद प्रत्याशियों के चुनाव खर्च की सीमा ढाई लाख रुपए तय की गई है। साथ ही 50 हजार से 1 लाख की आबादी वाली नगर पालिका में पार्षद के चुनावी खर्च की सीमा डेढ़ लाख जबकि नगर परिषदों में पार्षद प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की सीमा 75 हजार रुपए तय की गई है।

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बता दें कि देश में सांसद, विधायकों और महापौरों के चुनाव खर्च की सीमा तो तय थी, लेकिन पार्षदों के चुनाव खर्च की सीमा तय नहीं थी। ऐसे में नगरीय निकाय चुनावों में धनबल का बोल-बाला होने का आरोप लगाते हुए, पार्षद प्रत्याशियों की भी खर्च सीमा तय करने की मांग के साथ जबलपुर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी।

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याचिका पर जब हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया था तो राज्य सरकार के खिलाफ एक अवमानना याचिका दायर की गई थी। इस अवमानिका याचिका पर राज्य सरकार ने जवाब देते हुए साफ किया है कि राज्य सरकार ने पार्षदों के चुनाव खर्च की भी सीमा तय कर दी है। याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार के इस कदम और हाईकोर्ट में हुई सुनवाई को चुनाव सुधार की दिशा में बेहद अहम बताया है।

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